raktaarakt mein samaas : रक्तारक्त में करण तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - रक्त से आरक्त (लाल)
रोजगार वंचित में समास है
जलपिपासु में समास है
रोगग्रस्त में समास है
जलधारा में समास है
कर्णफूल में समास है
ज्ञानयुक्त में समास है
कपड़छन में समास है
सत्ताच्युत में समास है
यशोदा में समास है
रणभूमि में समास है
अमृतधारा में समास है
देशनिकाला में समास है
बाणाहत में समास है
आराम कुर्सी में समास है
व्यक्तिगत में समास है
घुड़सवार में समास है
अश्वमेध में समास है
गुणहीन में समास है
वनरहित में समास है
पाठशाला में समास है
वाग्दत्ता में समास है
गंगाजल में समास है
लोकहितकारी में समास है
देशभक्ति में समास है
रेखांकित में समास है
शहरवास में समास है
मुँहचोर में समास है
जितेन्द्रिय में समास है
रत्नजड़ित में समास है
नेत्रहीन में समास है
सर्वज्ञ में समास है
हस्तलिखित में समास है
बीमारी मुक्त में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
जन्मांध में समास है
जलधर में समास है
गौशाला में समास है
कलंकयुक्त में समास है
साधु दक्षिणा में समास है
माखनचोर में समास है
तिल पापड़ी में समास है
लक्ष्य भ्रष्ट में समास है।
शोकग्रस्त में समास है
नेत्रसुखद में समास है
हथघड़ी में समास है
ग्रामवास में समास है
भयभीत में समास है
मेघाच्छन्न में समास है
चिड़ीमार में समास है
दस्तकारी में समास है
पंत प्रणीत में समास है
रंगमंच में समास है
शरणागत में समास है
देशनिर्वासित में समास है
आशातीत में समास है
विश्राम गृह में समास है
जलावृत में समास है
स्वरचित में समास है
विद्याधर में समास है
पददलित में समास है
भुखमरा में समास है
धनहीन में समास है
जनप्रिय में समास है
आज्ञानुसार में समास है
वयःप्राप्त में समास है
कंटकाकीर्ण में समास है
राजभवन में समास है
चन्द्रोदय में समास है
विद्याप्रवीण में समास है
हितकारी में समास है।
गुरु दक्षिणा में समास है
करुणापूर्ण में समास है
स्थान भ्रष्ट में समास है
जीवदानी में समास है
विद्या रहित में समास है
गुरुसेवा में समास है
सिरदर्द में समास है
सूररचित में समास है