janapriy mein samaas hai : जनप्रिय में कर्म तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - जन को प्रिय
गिरहकट में समास है
सर्वव्याप्त में समास है
जातिच्युत में समास है
गौशाला में समास है
सूररचित में समास है
शरणागत में समास है
खरारि में समास है
संगीतज्ञ में समास है
कमरतोड़ में समास है
स्वागत गान में समास है
सुखप्राप्त में समास है
कामचोर में समास है
यज्ञशाला में समास है
चित्त चोर में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
वनरहित में समास है
नरभक्षी में समास है
स्वयंसिद्ध में समास है
राहखर्च में समास है
लोकहितकारी में समास है
श्रमदान में समास है
भार रहित में समास है
उद्योगपति में समास है
बंधन मुक्त में समास है
मंत्रीवर में समास है
सर्वज्ञ में समास है
चिड़ीमार में समास है
चरित्र चित्रण में समास है
दिलतोड़ में समास है
मरणासन्न में समास है
कन्यादान में समास है
सत्ताच्युत में समास है
मुनिश्रेष्ठ में समास है
लक्ष्य भ्रष्ट में समास है।
विधानसभा में समास है
जगबीती में समास है
गुणहीन में समास है
देवालय में समास है
अश्वमेध में समास है
देशगत में समास है
नेत्रहीन में समास है
कपड़छन में समास है
मनचाहा में समास है
ग्रामगत में समास है
देवबली में समास है
रोगमुक्त में समास है
स्वरचित में समास है
रसभरा में समास है
कुंभकार में समास है।
विद्यालय में समास है
अंगदान में समास है
गगनचुंबी में समास है
जीवन मुक्त में समास है
तारों भरी में समास है
जलपिपासु में समास है
रत्नजड़ित में समास है
मदमस्त में समास है
श्रमजीवी में समास है
आनंदाश्रम में समास है
कर्णफूल में समास है
स्नेहा बिष्ट में समास है
ग्रामवास में समास है
डाक महसूल में समास है
धर्मभ्रष्ट में समास है
गिरिधर में समास है
धर्म विमुख में समास है
लोकप्रिय में समास है।
प्राप्तोदक रचित में समास है
शहरवास में समास है
शक्तिहीन में समास है
चिंतामग्न में समास है
आनन्दाश्रम में समास है
देशभक्ति में समास है
पक्षधर में समास है
नीतिकुशल में समास है
वीरकन्या में समास है
कर्मरहित में समास है
रक्तारक्त में समास है