jaladhar mein samaas hai : जलधर में कर्म तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - जल को धारण करने वाला
जलाभिषेक में समास है
प्रेमातुर में समास है
मनगढंत में समास है
रामायण में समास है
पेट दर्द में समास है
दहीबड़ा में समास है
तीर्थाटन में समास है
गगनचुंबी में समास है
डिब्बाबंद में समास है
सूररचित में समास है
दानवीर में समास है
विधानसभा में समास है
स्वयंसिद्ध में समास है
कलंकयुक्त में समास है
कर्णफूल में समास है
रसोईघर में समास है
भाग्यहीन में समास है
कनकटा में समास है
कष्ट साध्य में समास है
आचारकुशल में समास है।
धर्मच्युत में समास है
सिर तोड़ में समास है
चिड़ीमार में समास है
घृतान्न में समास है
विचार मग्न में समास है
राहखर्च में समास है
वाल्मीकिरचित में समास है
मदमाता में समास है
जनप्रिय में समास है
अंगदान में समास है
तिलचट्टा में समास है
वनवास में समास है
पक्षधर में समास है
सिरदर्द में समास है
स्वरचित में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
जितेन्द्रिय में समास है
दुकान प्रवेश में समास है
विचार लीन में समास है
हितकारी में समास है।
बीमारी मुक्त में समास है
जलसिक्त में समास है
आतपजीवी में समास है।
लोकहितकारी में समास है
गंगातट में समास है
पाकिटमार में समास है
कर्मवीर में समास है
शरणागत में समास है
लक्ष्य भ्रष्ट में समास है।
परलोकगमन में समास है
गृहप्रवेश प्रवेश में समास है
ग्रामवास में समास है
सभा भवन में समास है
चित्त चोर में समास है
गुरुसेवा में समास है
स्वर्गगत में समास है।
माखनचोर में समास है
ब्राह्मण दक्षिणा में समास है
आराम कुर्सी में समास है
जलज में समास है
रथचालक में समास है
रक्तारक्त में समास है
जन्मांध में समास है
स्नेहा बिष्ट में समास है
सत्ताच्युत में समास है
पदच्युत में समास है
आनन्दाश्रम में समास है
यशप्राप्त में समास है
गुणहीन में समास है
गृहस्थ आश्रम में समास है
जग सुहाता में समास है
पद भ्रष्ट में समास है
ईश्वरदत्त में समास है
कर्महीन में समास है
नककटा में समास है
करुणापूर्ण में समास है
मनोहर में समास है
युद्धवीर में समास है
कंटकाकीर्ण में समास है
शत्रुघ्न में समास है