gramvas Mein Samas : ग्रामवास में अधिकरण तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - ग्राम में वास
अग्निभक्षी में समास है
अक्षांश में समास है
संगीतज्ञ में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
पर्णकुटीर रचित में समास है
कर्ज मुक्त में समास है
विश्राम गृह में समास है
आमरस में समास है
तर्कसंगत में समास है
नेत्रसुखद में समास है
मूर्तिकार में समास है
सत्ताच्युत में समास है
कामचोर में समास है
गृहागत में समास है
वनवास में समास है
दानवीर में समास है
यज्ञशाला में समास है
शरणागत में समास है
मार्गव्यय में समास है
शहरगत में समास है
रक्तारक्त में समास है
रत्नजड़ित में समास है
पदच्युत में समास है
हस्तलिखित में समास है
फला वेष्टित में समास है
गंगाजल में समास है
प्रेमसिक्त रचित में समास है
रंगमंच में समास है
दहीबड़ा में समास है
पंत प्रणीत में समास है
विद्याप्रवीण में समास है
आकालपीड़ित में समास है
गुरुसेवा में समास है
गृहस्वामी में समास है
रसभरा में समास है
सर्वव्याप्त में समास है
शिवार्पण में समास है
परलोकगमन में समास है
सेवानिवृत्त में समास है
कृष्णमूर्ति में समास है
कठखोदवा में समास है
नरश्रेष्ठ में समास है
अत्रदान में समास है
समाचार पत्र में समास है
ग्रंथकार में समास है
देशनिर्वासित में समास है
गृहस्थ आश्रम में समास है
स्थान भ्रष्ट में समास है
धर्मभ्रष्ट में समास है
रामायण में समास है
जलधारा में समास है
गुरु दक्षिणा में समास है
मदमाता में समास है
रथारूढ़ में समास है
शास्त्रप्रवीण में समास है
नककटा में समास है
नीतियुक्त में समास है
ग्रामोद्धार में समास है
वाग्दत्ता में समास है
ध्यानमग्न में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
दूरागत में समास है
गौशाला में समास है
जीवदानी में समास है
क्रीड़ास्थल में समास है
वयःप्राप्त में समास है
प्राप्तोदक रचित में समास है
ईश्वरदत्त में समास है
अनलदग्ध में समास है
पक्षधर में समास है
संकटापन्न में समास है
यज्ञाहुति में समास है।
पद प्राप्त में समास है
अंधकारयुक्त में समास है
जलाभिषेक में समास है
कर्णफूल में समास है
गुणहीन में समास है
मरणोत्तर में समास है
पाठशाला में समास है