premaakul rachit mein samaas : प्रेमाकुल रचित में करण तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - प्रेम से आकुल
देवदत्त में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
जलसिक्त में समास है
डाक महसूल में समास है
डिब्बाबंद में समास है
जलधारा में समास है
दानवीर में समास है
आनंदाश्रम में समास है
कमरतोड़ में समास है
रत्नजड़ित में समास है
युद्ध निपुण में समास है
पर्णकुटीर रचित में समास है
मदांध में समास है
स्वरचित में समास है
आटा-दाल में समास है
दिलतोड़ में समास है
यज्ञशाला में समास है
गृहस्वामी में समास है
चिंतामग्न में समास है
रामायण में समास है
विद्यालय में समास है
जन्मरोगी में समास है
विद्या रहित में समास है
शास्त्रप्रवीण में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
गृहागत में समास है
कृष्णमूर्ति में समास है
तिलकुट में समास है
मदमस्त में समास है
खरारि में समास है
कठफोड़ा में समास है
हस्तलिखित में समास है
शराहत में समास है
मुनिश्रेष्ठ में समास है
सर्वज्ञ में समास है
भयभीत में समास है
मूर्तिकार में समास है
देहचोर में समास है
पुरुषोत्तम में समास है
ऋणमुक्त में समास है
तुलसी कृत में समास है
बलहीन में समास है
राहखर्च में समास है
कलंकयुक्त में समास है
अमचूर में समास है
राजभवन में समास है
वयःप्राप्त में समास है
मालगोदाम में समास है
माखनचोर में समास है
विद्याप्रवीण में समास है
मंत्रीवर में समास है
कलापूर्ण में समास है
पाठशाला में समास है
लोकोतर में समास है
देशगत में समास है
जगबीती में समास है
चित्रकार में समास है
घृतमिश्रित में समास है
तीर्थाटन में समास है
आज्ञानुसार में समास है
कर्मरहित में समास है
गिरिधर में समास है
जनप्रिय में समास है
परलोकगमन में समास है
गुणहीन में समास है
देशार्पण में समास है
अत्रदान में समास है
गुणयुक्त में समास है
बुद्धिहीन में समास है
जितेन्द्रिय में समास है
पदच्युत में समास है
गंगाजल में समास है
आतपजीवी में समास है।
दयार्द्र में समास है
गठकटा में समास है
अंगदान में समास है
जग सुहाता में समास है
जलमग्न में समास है
शोकग्रस्त में समास है