premaatur Rachit Mein Samaas : प्रेमातुर रचित में करण तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - प्रेम से आतुर
सम्मान प्राप्त में समास है
जलाभिषेक में समास है
बीमारी मुक्त में समास है
अश्वमेध में समास है
दुःखद में समास है
रामायण में समास है
चिड़ीमार में समास है
गुणहीन में समास है
सुखप्राप्त में समास है
देशनिकाला में समास है
आतपजीवी में समास है।
पदच्युत में समास है
गुणयुक्त में समास है
कनकटा में समास है
नरभक्षी में समास है
अंगदान में समास है
दुःख संतप्त में समास है
रक्तारक्त में समास है
स्वागत गान में समास है
वाग्युद्ध में समास है
जलमग्न में समास है
जल समाधि में समास है
चन्द्रोदय में समास है
भयभीत में समास है
चित्रकार में समास है
मरणातुर में समास है
विधान भवन में समास है
कर्मरहित में समास है
शपथ पत्र में समास है
जलधारा में समास है
करुणापूर्ण में समास है
पतित पावन में समास है
शराहत में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
देश-विदेश में समास है
दु:खापन्नी में समास है
वन गमन में समास है
कपड़छन में समास है
जलधर में समास है
मरणोत्तर में समास है
घुड़सवार में समास है
वयःप्राप्त में समास है
दानवीर में समास है
शहरगत में समास है
भुखमरा में समास है
हितकारी में समास है।
पर्णकुटीर रचित में समास है
घृतान्न में समास है
अमृतधारा में समास है
ग्रामवास में समास है
आटा-दाल में समास है
स्वर्गगत में समास है।
व्यय मुक्त में समास है
फलहीन में समास है
डिब्बाबंद में समास है
इतिहासकार में समास है
जलपिपासु में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
ऋणमुक्त में समास है
स्थान भ्रष्ट में समास है
गृहागत में समास है
रक्तरंजित में समास है
व्यक्तिगत में समास है
घुड़दौड़ में समास है
जेबकतरा में समास है
जन्मांध में समास है
कष्ट सहिष्णुता में समास है
कठफोड़वा में समास है
आराम कुर्सी में समास है
सर्वभक्षी में समास है
फला वेष्टित में समास है
तारों भरी में समास है
घृतमिश्रित में समास है
बुद्धिहीन में समास है
यज्ञाहुति में समास है।
परलोकगमन में समास है
विकासोन्मुख में समास है
कामचोर में समास है
चिड़ियाघर में समास है
धनहीन में समास है