grhaagat Mein Samaas Hai : गृहागत में कर्म तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - गृह को आया हुआ
गृहागत में समास है
कन्यादान में समास है
स्थानच्युत में समास है
बीमारी मुक्त में समास है
शहरवास में समास है
जग सुहाता में समास है
व्यवहारकुशल में समास है
यज्ञशाला में समास है
कामचोर में समास है
गठकटा में समास है
सर्वज्ञ में समास है
प्रेमसिक्त रचित में समास है
रोजगार वंचित में समास है
जगबीती में समास है
आचारपूत में समास है
अक्षांश में समास है
मुँहचोर में समास है
बलहीन में समास है
मंत्रीवर में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
चिड़ियाघर में समास है
तिल पापड़ी में समास है
मनगढंत में समास है
दस्तकारी में समास है
सर्वव्याप्त में समास है
बंधन मुक्त में समास है
पदच्युत में समास है
मरणासन्न में समास है
खरारि में समास है
गृहस्थ आश्रम में समास है
संकटापन्न में समास है
माखनचोर में समास है
विकासोन्मुख में समास है
देवालय में समास है
नीतियुक्त में समास है
पददलित में समास है
श्रमदान में समास है
कपड़छन में समास है
दुकान प्रवेश में समास है
गुणहीन में समास है
चिड़ीमार में समास है
चित्रकार में समास है
दयार्द्र में समास है
कष्ट साध्य में समास है
लोकहितकारी में समास है
तिलकुट में समास है
रथारूढ़ में समास है
विचार लीन में समास है
रसोईघर में समास है
जनप्रिय में समास है
मदमस्त में समास है
सेवानिवृत्त में समास है
स्वर्गगत में समास है।
हथकड़ी में समास है
घुड़सवार में समास है
रंगमंच में समास है
देशगत में समास है
गंगाजल में समास है
आनंदाश्रम में समास है
आनन्दाश्रम में समास है
मार्गव्यय में समास है
नेत्रहीन में समास है
घृतमिश्रित में समास है
हितकारी में समास है।
चरित्र चित्रण में समास है
देशभक्ति में समास है
सम्मान प्राप्त में समास है
जितेन्द्रिय में समास है
ईश्वरदत्त में समास है
तारों भरी में समास है
उद्योगपति में समास है
शहरगत में समास है
मुंहतोड़ में समास है
शास्त्रप्रवीण में समास है
मेघाच्छन्न में समास है
प्राप्तोदक रचित में समास है
डाक महसूल में समास है