niti Kushal Mein Samas Hai : नीतिकुशल में अधिकरण तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - नीति में कुशल
जितेन्द्रिय में समास है
मरणातुर में समास है
आनंदाश्रम में समास है
आज्ञानुसार में समास है
उद्योगपति में समास है
कपड़छन में समास है
गृहस्थ आश्रम में समास है
क्षुधातुर में समास है
अश्वमेध में समास है
कठखोदवा में समास है
दिलतोड़ में समास है
गुरुदक्ष में समास है
क्रीड़ास्थल में समास है
शत्रुघ्न में समास है
चिड़ियाघर में समास है
माखनचोर में समास है
गिरिधर में समास है
कनकघर में समास है
स्वर्गगत में समास है।
स्नानघर में समास है
गृहस्वामी में समास है
पर्णकुटीर रचित में समास है
दस्तकारी में समास है
व्यक्तिगत में समास है
विवाहेतर में समास है
अग्निभक्षी में समास है
मूर्तिकार में समास है
हवन सामग्री में समास है
युद्ध निपुण में समास है
पदच्युत में समास है
आवेदन पत्र में समास है
आशातीत में समास है
ग्रामोद्धार में समास है
विद्याधर में समास है
आतपजीवी में समास है।
नरश्रेष्ठ में समास है
मदमस्त में समास है
रक्तरंजित में समास है
देवालय में समास है
स्थानच्युत में समास है
यज्ञाहुति में समास है।
मनचाहा में समास है
आराम कुर्सी में समास है
हथघड़ी में समास है
कन्यादान में समास है
सजा मुक्त में समास है
आमरस में समास है
मनोहर में समास है
अत्रदान में समास है
कर्ज मुक्त में समास है
पक्षधर में समास है
प्रेमसिक्त रचित में समास है
शरणागत में समास है
देशभक्ति में समास है
रोगमुक्त में समास है
धर्मभ्रष्ट में समास है
घुड़सवार में समास है
नीतियुक्त में समास है
कष्टापन्न में समास है
वाल्मीकिरचित में समास है
युद्धवीर में समास है
घृतान्न में समास है
देशनिर्वासित में समास है
जलहीन में समास है
विद्युत मापी में समास है
कंटकाकीर्ण में समास है
नेत्रहीन में समास है
कर्मवीर में समास है
दुकान प्रवेश में समास है
जनप्रिय में समास है
जलसिक्त में समास है
मंत्रीवर में समास है
रसोईघर में समास है
देशाटन में समास है
भाग्यहीन में समास है
अनलदग्ध में समास है
कलंकयुक्त में समास है
तीर्थाटन में समास है
हस्तलिखित में समास है