अनुप्रास अलंकार है.
सो सुख सुजस सुलभ मोहि स्वामी में कौन सा अलंकार है
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
‘रघुपति राघव राजा राम’ में कौन सा अलंकार है
रावनु रथी विरथ रघुवीरा’ में कौन सा अलंकार है
स्वारथु सुकृतु न, श्रमु वृथा में कौन सा अलंकार है
‘आगे नदियां पड़ी अपार घोडा कैसे उतरे पार। राणा ने सोचा इस पार तब तक चेतक था उस पार।’ में कौन सा अलंकार है
वाक्य-गयान अत्यंत निपुन भव-पार न पावै कोई।’ में कौन सा अलंकार है
जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं, इसमें कौन सा अलंकार है
"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये" में कौन सा अलंकार है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
हमारे हरि हारिल की लकरी’ में कौन सा अलंकार है
खुले कोरे पृष्ठ जैसा वही उज्ज्वल, वही पावन रूप में कौन-सा अलंकार है
बंदऊं गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा में कौन सा अलंकार है
दान-परसु बुधि-शक्ति प्रचंडा , बर-बिज्ञान कठिन कोदण्डा।’ में कौन सा अलंकार है
गिरिधर नार नवावति में कौन सा अलंकार है
नभ पर चमचम चपला चमकी में कौन सा अलंकार है
वह इष्टदेव के मंदिर की पूजा सी में कौन-सा अलंकार है
‘तारा सो तरनि धूरि धारा मैं लगत जिमि, थारा पर पारा पारावार यो हलत है।’ में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन सा अलंकार है
चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं जल-थल में। में कौन सा अलंकार है
उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा में कौन सा अलंकार है
चांद से सुंदर मुख में कौन सा अलंकार है
सिर फट गया उसका वही मानो अरुण रंग का घड़ा में कौन सा अलंकार है
‘दादुर धुनि चहुँ दिशा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई ।’ में कौन सा अलंकार है
कहती हुई यों उत्तरा के नेत्र जल से भर गए में कौन सा अलंकार है
भर गया जी हनीफ़ जी जी कर, थक गए दिल के चाक सी सी कर, यों जिये जिस तरह उगे सब्ज़, रेग जारों में ओस पी पी कर इसमें कौन सा अलंकार है
उसका मुखड़ा चंद्रमा के समान सुंदर है में कौन सा अलंकार है
रती-रती सोभा सब रति के शरीर की,मैं कौन सा अलंकार है
या अनुरागी चित्त की गति समझे नहिं कोय में कौन सा अलंकार है
‘दुख है जीवन-तरु के मूल।’ में कौन सा अलंकार है
सहसबाहु सम रिपु मोरा।’ में कौन सा अलंकार है
बड़े बड़ाई ना करें बड़े न बोले बोल में कौनसा अलंकार है
संसार की समर स्थली मे धीरता धारण करो, मे कौन सा अलंकार है
मानहु विधि तन-अच्छ छवि स्वच्छ राखिजे काज में कौन सा अलंकार है
भजन कहो ताते भज्यो, भज्यो न एको बार में कौन सा अलंकार है
नगन जड़ाती थी वे नगन जड़ाती है, में कौन सा अलंकार है
भूप सहस दस एकहि बारा में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आये में कौन सा अलंकार है
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के में कौन सा अलंकार है
काली घटा का घमंड घटा, नभ तारक मंडलवृंद खिले मैं कौन सा अलंकार है
‘खेदि -खेदि खाती दिह दारुन दलन की’ में कौन सा अलंकार है
वे न इहाँ नागर भले जिन आदर तौं आब में कौन सा अलंकार है
कंकन किंकिनि नूपुर धुनि सुनि, कहत लखन सन राम हृदय गुनि,में कौन सा अलंकार है
सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात में कौन सा अलंकार है
चरण धरत, चिंता करत, चितवत चारहुँ ओर में कौन सा अलंकार है
‘कहै कवि बेनी, बेनी ब्याल की चुराई लानी।’ में कौन सा अलंकार है
ले चला साथ मैं तुझे कनक ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण झनक में कौन सा अलंकार है
बिनु पग चले सुने बिनु काना में कौन सा अलंकार है
शोभा-सिंधु ना अंत रही है।’ में कौन सा अलंकार है
बरजीते सर मैन के, ऐसे देखे मैं न हरिनी के नैनान ते हरिनी के ये नैन इसमें कौन सा अलंकार है
सागर की लहर-लहर में है हास में कौन सा अलंकार है
हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग में कौन सा अलंकार है
सागर के उर पर नाच नाच करती है में कौन सा अलंकार है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
जानति सौति अनीति है में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा सी बहती है अब निशि -वासर’ में कौन सा अलंकार है
‘श्रद्धानत तरुओं की अंजली से झरे पात, कोंपल के मूंदे नयन थर-थर-थर पुलकगात।’ में कौन सा अलंकार है
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
चंचला स्नान कर आए में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी ,बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन-सा अलंकार है
सिंधु सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह’ में कौन सा अलंकार है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
कर कानन कुंडल मोरपखा उर पै बनमाल बिराजती है, में कौन सा अलंकार है
दीपक-सा जलना होगा में कौन-सा अलंकार है
मैया मैं तो चंद्र खिलौना लैहों में कौन सा अलंकार है
लसत सूर सायक-धनु-धारी में कौन सा अलंकार है
‘चाँद की सी उजली जाली’ में कौन सा अलंकार है
अंबर के तारे मानो मोती अनगन है में कौन सा अलंकार है
‘मुख बाल रवि सम लाल होकर ज्वाला – सा हुआ बोधित’ में कौन सा अलंकार है
मंगन को देखि पट देत बार-बार है में कौन सा अलंकार है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी में कौन सा अलंकार है
रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून में कौन सा अलंकार है
‘नील गगन-सा शांत हृदय था सो रहा।’ में कौन सा अलंकार है
किसबी, किसान-कुल बनिक, भिखारी, भाट में कौन सा अलंकार है
‘हाय फूल सी कोमल बच्ची, हुई राख की ढेरी थी।’ में कौन सा अलंकार है
‘पीपर पात सरिस मन डोला’ में कौन सा अलंकार है