nirdhan ke dhan si tum aayi mein alankar : निर्धन के धन सी तुम आई में उपमा अलंकार है।
बड़े बड़ाई ना करें बड़े न बोले बोल में कौनसा अलंकार है
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
तारे आसमान के हैं आये मेहमान बनि में कौन सा अलंकार है
सो सुख सुजस सुलभ मोहि स्वामी में कौन सा अलंकार है
बंदऊं गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा में कौन सा अलंकार है
‘बहुरि बदन-बिधु अंचल ढाँकी।’ में कौन सा अलंकार है
सागर के उर पर नाच नाच करती है में कौन सा अलंकार है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
मुख मानो चंद्रमा है में कौन सा अलंकार है
दूध में से क्रीम निकालने में कौनसा बल लगता है
वन शारदी चंद्रिका-चादर ओढ़े।’ में कौन सा अलंकार है
‘कहती हुई यूँ उत्तरा के नेत्र जल से भर गए। हिम कणों से पूर्ण मानों हो गए पंकज नए।’ में कौन सा अलंकार है।
काली घटा का घमंड घटा, नभ तारक मंडलवृंद खिले मैं कौन सा अलंकार है
सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात में कौन सा अलंकार है
मेघमय आसमान से उतर रही है संध्या सुन्दरी परी सी धीरे धीरे धीरे।’ में कौन सा अलंकार है
रक्त स्पन्दन में कौनसा विटामिन क्रियाशील होता है
वे रहीम नर धन्य हैं में कौन सा अलंकार है
रुद्रदामन के शासन काल में कौनसा स्थल शिक्षा का प्रमुख केन्द्र था
राम रमापति कर धनु लेहू में कौन सा अलंकार है
‘रघुपति राघव राजा राम’ में कौन सा अलंकार है
उषा सुनहरे तीर बरसाती, जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।’ में कौन सा अलंकार है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
जहां वर्णों की आवृन्त बार-बार होती है वहां कौनसा अलंकार होता है
‘कालिका सी किलकि कलेऊ देती काल को’ में कौन सा अलंकार है
‘कलियाँ दरवाज़े खोल खोल जब झुरमुट में मुस्काती हैं।’ में कौन सा अलंकार है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
खुले कोरे पृष्ठ जैसा वही उज्ज्वल, वही पावन रूप में कौन-सा अलंकार है
मंगन को देखि पट देत बार-बार है में कौन सा अलंकार है
सठ सुधरहिं सतसंगति पाईं में कौन सा अलंकार है
कूकै लगी कोयल कदंबन पर बैठी फेरि।’ में कौन सा अलंकार है
बिनु पग चले सुने बिनु काना में कौन सा अलंकार है
उसका मुखड़ा चंद्रमा के समान सुंदर है में कौन सा अलंकार है
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में कौनसा स्थान है
‘पीपर पात सरिस मन डोला’ में कौन सा अलंकार है
या मुरली मुरलीधर की, अधरान धरी अधरा न धरौंगी में कौन सा अलंकार है
बाँधा था विधु को किसने इन काली ज़ंजीरों में, मणिवाले फणियों का मुख क्यों भरा हुआ है हीरों से।’ में कौन सा अलंकार है
शोभा-सिंधु ना अंत रही है।’ में कौन सा अलंकार है
इस करुणा कलित विकल रागि हृदय में अनी बजती में अलंकार है
‘तारा सो तरनि धूरि धारा मैं लगत जिमि, थारा पर पारा पारावार यो हलत है।’ में कौन सा अलंकार है
कालिंदी कूल कदंब की डारन में कौन सा अलंकार है
कुंद इंदु सम देह, उमा रमन करुणा अयन में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी ,बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन-सा अलंकार है
सिंधु-सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह में कौन-सा अलंकार है
उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा में कौन सा अलंकार है
‘आगे नदियां पड़ी अपार घोडा कैसे उतरे पार। राणा ने सोचा इस पार तब तक चेतक था उस पार।’ में कौन सा अलंकार है
दूध को दही में कौनसा एन्जाइम परिवर्तित करता है
‘नील गगन-सा शांत हृदय था सो रहा।’ में कौन सा अलंकार है
ईस भजनु सारथी-सुजाना , बिरति-वर्म संतोष कृपाना।’ में कौन सा अलंकार है
‘आवत जात कुंज की गलियन रूप सुधा नित पीजै। गोपी पद-पंकज पावन की रज जामे भीजै।’ में कौन सा अलंकार है
मजबूत शिला-सी दृढ़ छाती में कौन-सा अलंकार है
चांद से सुंदर मुख में कौन सा अलंकार है
वे न इहाँ नागर भले जिन आदर तौं आब में कौन सा अलंकार है
जगी वनस्पतियां अलसाई मुह धोया शीतल जल से में कौन सा अलंकार है
यदि दूरस्थ वस्तु से आने वाली किरणें रेटिना के आगे फोकसित हो जाती है, तो दृष्टि में कौनसा दोष कहा जाता है
किसबी, किसान-कुल बनिक, भिखारी, भाट में कौन सा अलंकार है
कनकटा में कौनसा समास है
जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो में कौन सा अलंकार है
हीन भय जल मीन अधीन में कौन सा अलंकार है
रावण सिर-सरोज-वनचारी में कौन सा अलंकार है
जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं, इसमें कौन सा अलंकार है
दिवसावसान का समय मेघमय आसमान से उतर रही है में कौन सा अलंकार है
एक सुंदर सीप का मुँह था खुला में कौन सा अलंकार है
चंचला स्नान कर आये, चन्द्रिका पर्व में जैसे उस पावन तन की शोभा, आलोक मधुर थी ऐसे।’ में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आए। ...में कौन सा अलंकार है
‘इस सोते संसार बीच, जगकर सजकर रजनीबाले।’ में कौन सा अलंकार है
रनित भृंग-घंटावली झरित दान-मधुनीर, मंद-मंद आवत चल्यो कुंजरु कुंज समीर,में कौन सा अलंकार है
चरण धरत, चिंता करत, चितवत चारहुँ ओर में कौन सा अलंकार है
लट लटकनि मनु मत्त मधुप गन मादक मधुहिं पिए में कौन सा अलंकार है
कढ़त साथ ही म्यान तें, असि रिपु तन ते प्रान ।’ में कौन सा अलंकार है
रावनु रथी विरथ रघुवीरा’ में कौन सा अलंकार है
सहसबाहु सम रिपु मोरा।’ में कौन सा अलंकार है
‘बरसत बारिद बून्द गहि’ में कौन सा अलंकार है
'छोरटी है गोरटी या चोरटी अहीर की में कौन सा अलंकार है
‘फूल हँसे कलियाँ मुसकाई।’ में कौन सा अलंकार है
नाभिक के धनावेशित होने की खोज किसने की थी
‘आए महंत बसंत।’ में कौन सा अलंकार है
नभ पर चमचम चपला चमकी में कौन सा अलंकार है
चरर मरर खुल गए अरर रवस्फुटों से, में कौन-सा अलंकार है
लो यह लतिका भी भर लाई, मधु मुकुल नवल रस गागरी में कौन सा अलंकार है