vakya-gyan atyant nipun bhav-paar na paavai koi : वाक्य-गयान अत्यंत निपुन भव-पार न पावै कोई।’ में रूपक अलंकार है।
भलामानस’ में कौन सा समास है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
सारंग ले सारंग चली कर सारंग की ओट , सारंग झीनो देखकर सारंग कर गई चोट,में कौन सा अलंकार है
रक्तकमल में कौन सा समास है
राम रमापति कर धनु लेहू में कौन सा अलंकार है
रक्त में कौन सा तत्व है जो रक्त को जमने से रोकता है
बन्धन मुक्त में कौन सा समास है
आत्मघाती में कौन सा समास है
अनुदार में कौन सा समास है
पाणिग्रहण में कौन सा समास है
‘है वसुंधरा बिखेर देती मोती सबके सोने पर। रवि बटोर लेता है उसको सदा सवेरा होने पर।’ में कौन सा अलंकार है
निपट निरंकुस निठुर निसंकू में कौन सा अलंकार है
षडरस में कौन सा समास है
सीता-राम में कौन सा समास है
परहित सरिस धर्म नहिं भाई में कौन-सा अलंकार है
जननी तू जननी भई,विधि सन कछु ना बसाय, में कौन सा अलंकार है
सज्जन (Sajjan) में कौन सा समास है
मनगढ़ंत में कौन सा समास है
राम नाम मनि-दीप धरु, जीह देहरी दवार, एक राम घनश्याम हित चातक तुलसीदास।’ में कौन सा अलंकार है
‘श्रद्धानत तरुओं की अंजली से झरे पात, कोंपल के मूंदे नयन थर-थर-थर पुलकगात।’ में कौन सा अलंकार है
अहंकार में कौन सा संधि है
बेफायदा में कौन सा समास है
तिमाही में कौन सा समास है
हाथों हाथ में कौन सा समास है
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
पावक में कौन सा प्रत्यय है
स्त्री-पुरुष में कौन सा समास है
तिरंगा में कौन सा समास है
पुलक प्रकट करती है धरती हरित तृणों की नोकों से, मानो झूम रहे हों तरु भी मंद पवन के झोंकों से में कौन सा अलंकार है
दशमुख में कौन सा समास है
दुष्कर्म में कौन सा समास है
मानव आमाशय में कौन सा अम्ल उत्पन्न होता है
अनजाने में कौन सा समास है
सादर में कौन सा समास है
वह शर इधर गांडीव धनुष से भिन्न जैसे ही हुआ में कौन सा अलंकार है
नीलकंठ में कौन सा समास है
चरर मरर खुल गए अरर रवस्फुटों से, में कौन-सा अलंकार है
भोजनालय में कौन सा समास है
अंशुमाली में कौन सा समास है
दीपशिखा में कौन सा समास है
नारी, नारी, नारी; इसकी छवि है सबसे प्यारी में कौन सा अलंकार है
भुखमरा में कौन सा समास है
जन्म-मरण में कौन सा समास है
प्रधानाध्यापक में कौन सा समास है
जितेन्द्रिय में कौन सा समास है
रनित भृंग-घंटावली झरित दान-मधुनीर, मंद-मंद आवत चल्यो कुंजरु कुंज समीर,में कौन सा अलंकार है
सूररचित में कौन सा समास है
चारपाई में कौन सा समास है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन सा अलंकार है
बरजीते सर मैन के, ऐसे देखे मैं न हरिनी के नैनान ते हरिनी के ये नैन इसमें कौन सा अलंकार है
यावज्जीवन में कौन सा समास है
बिना काम का में कौन सा समास है
सिंधु-सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह में कौन-सा अलंकार है
उद्योगपति में कौन सा समास है
मनमाना में कौन सा समास है
भरसक में कौन सा समास है
फहरी ध्वजा, फड़की भुजा, बलिदान की ज्वाला उठी, निज जन्मभू के मान में, चढ़ मुण्ड की माला उठी में कौन सा रस है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी में कौन सा अलंकार है
मार सुमार करी डरी,मरी मरीहि न मारि में कौन सा अलंकार है
टिकाऊ में कौन सा प्रत्यय है
नर-नारी में कौन सा समास है
'कुल कानन कुंडल मोर पुखा, उर पे बनमाल विराजति है में कौन सा अलंकार है
चांद से सुंदर मुख में कौन सा अलंकार है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
साफ़-साफ़ में कौन सा समास है
‘चमक गई चपला चम चम’ में कौन सा अलंकार है
आरबीआई के लोगों में कौन सा पेड़ है
लेखिका में कौन सा प्रत्यय है
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
हर एक में कौन सा समास है
खुले कोरे पृष्ठ जैसा वही उज्ज्वल, वही पावन रूप में कौन-सा अलंकार है
है जन्म लेते जगह में एक ही में कौन सा अलंकार है
स्वर्ग-नरक में कौन सा समास है
प्रत्येक में कौन सा समास है
लंबोदर में कौन सा समास है
नगर सेठ में कौन सा समास है
धुंधला में कौन सा प्रत्यय है
पाठक में कौन सा प्रत्यय है
मधुर में कौन सा प्रत्यय है