vah isht dev ke mandir ki pooja si mein alankar : वह इष्टदेव के मंदिर की पूजा सी में उपमा अलंकार है।
बड़े बड़ाई ना करें बड़े न बोले बोल में कौनसा अलंकार है
नही पराग नहिं मधुर मधु में कौन सा अलंकार है
पराधीन जो जन नहीं, स्वर्ग नरक ता हेतु,में कौन सा अलंकार है
जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो में कौन सा अलंकार है
खजुराहो के मंदिरों का निर्माण किसने कराया
स्वर्गवासी में कौन सा समास है
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती में कौन सा अलंकार है
देशवासी में समास क्या है
उदित उदय गिरि-मंच पर रघुबर-बाल पतंग, बिकसे संत-सरोज सब हरषे लोचन-भृंग।’ में कौन सा अलंकार है
किस सिक्ख गुरु ने फारसी में ‘जफरनामा’ लिखा था
‘श्रद्धानत तरुओं की अंजली से झरे पात, कोंपल के मूंदे नयन थर-थर-थर पुलकगात।’ में कौन सा अलंकार है
जननी तू जननी भई,विधि सन कछु ना बसाय, में कौन सा अलंकार है
‘तब बहता समय शिला सा जम जायेगा’ में कौन सा अलंकार है
महमूद गजनी को सोमनाथ के मंदिर से लूट में कितना धन मिला था
‘आवत जात कुंज की गलियन रूप सुधा नित पीजै। गोपी पद-पंकज पावन की रज जामे भीजै।’ में कौन सा अलंकार है
किस वृहत मंदिर की आरंभिक कल्पना तथा निर्माण सूर्यवर्मन द्वितीय के राज्य काल में हुआ था
चरर मरर खुल गए अरर रवस्फुटों से, में कौन-सा अलंकार है
दूध में कौनसा विटामिन नहीं होता है
खुले कोरे पृष्ठ जैसा वही उज्ज्वल, वही पावन रूप में कौन-सा अलंकार है
तोपर वारौं उर बसी, सुन राधिके सुजान, तू मोहन के उर बसी ह्वे उरबसी सामान. इसमें कौन सा अलंकार है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी। मिली न तेरे मुख की उपमा, देखी वसुधा सारी में कौन सा अलंकार है
सबहि सुलभ सब दिन सब देसा में कौन सा अलंकार है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है
मन-सागर मनसा लहरि बूड़े-बहे अनेक में कौन सा अलंकार है
किसने नागरकोट के ज्वालामुखी मंदिर की मूर्ति को तोड़कर उसके टुकड़े को कसाईयों को मांस तोलने के लिए दे दिया था
‘आए महंत बसंत।’ में कौन सा अलंकार है
रती-रती सोभा सब रति के शरीर की,मैं कौन सा अलंकार है
खजुराहों के मंदिर कहाँ स्थित हैं
कूकै लगी कोयल कदंबन पर बैठी फेरि।’ में कौन सा अलंकार है
भर लाऊं सीपी में सागर प्रिय में कौन सा अलंकार है
ईस भजनु सारथी-सुजाना , बिरति-वर्म संतोष कृपाना।’ में कौन सा अलंकार है
सपनों के गुब्बारे फोड़ती सुबह में कौन सा अलंकार है
वन शारदी चंद्रिका चादर ओढ़े में कौन सा अलंकार है
को घटि ये वृषभानुजा वे हलधर के वीर में कौन सा अलंकार है
तुजुक-ए-बाबरी का फारसी में अनुवाद किसने किया था
किस वृहत मंदिर की आरंभिक कल्पना तथा निर्माण सूर्यवर्मन द्वितीय के शासन काल में हुआ था
‘पंचतंत्र’ का फारसी में अनुवाद किसने किया
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
जगी वनस्पतियां अलसाई मुह धोया शीतल जल से में कौन सा अलंकार है
स्वारथु सुकृतु न, श्रमु वृथा में कौन सा अलंकार है
बाण नहीं पहुंचे शरीर तक शत्रु गिरे पहले ही भू पर में कौन सा अलंकार है
जिन दिन देखे वे कुसुम गई में कौन सा अलंकार है
दूध से दही बनाने में कौनसा बैक्टीरिया सहायक होता है
मार सुमार करी डरी,मरी मरीहि न मारि में कौन सा अलंकार है
रघुपति राघव राजा राम में कौन सा अलंकार है
जो खग हौं तो बसेरो करौं मिलि ,कालिंदी कूल कदम्ब की डारन,में कौन सा अलंकार है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
‘हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग, लंका सिगरी जल गई गए निशाचर भाग।’ में कौन सा अलंकार है
‘दादुर धुनि चहुँ दिशा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई ।’ में कौन सा अलंकार है
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के में कौन सा अलंकार है
वन शारदी चंद्रिका-चादर ओढ़े।’ में कौन सा अलंकार है
‘प्रकृति का अनुराग-अंचल हिल रहा है।’ में कौन सा अलंकार है
मेघ आये बड़े बन-ठन के संवर के।’ में कौन सा अलंकार है
‘मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों’ में कौन सा अलंकार है
सिकंदर लोदी के समय संस्कृत के आयुर्वेद ग्रंथ का अनुवाद फारसी में किस नाम से हुआ
‘रघुपति राघव राजा राम’ में कौन सा अलंकार है
किसी सोच में हो विभोर साँसें कुछ ठंडी खिंची। फिर झट गुलकर दिया दिया को दोनों आँखें मिंची।’ में कौन सा अलंकार है
बंदउँ गुरु पद पदुम परागा में कौन सा अलंकार है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
केकी रव की नुपुर ध्वनि सुन, जगती जगती की मूक प्यास इसमें कौन सा अलंकार है
पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय में कौन सा अलंकार है
शाही खां ने फारसी में किस भारतीय ग्रंथ का अनुवाद करवाया
हां मैं हूं वृक्ष ओ मेरे प्यारे बच्चों में कौन सा अलंकार है
खजुराहो के मंदिर’ किस राज्य में स्थित है
दिवस का समय, मेघ आसमान से उतर रही है, वह संध्या सुंदरी सी, धीरे धीरे।’ में कौन सा अलंकार है
लो हरित धरा से झांक रही, नीलम की कली, तीसी नीली।’ में कौन सा अलंकार है
मेरे नगपति! मेरे विशाल! में कौन सा अलंकार है
कौन-सा स्थान ब्रह्मा के मंदिर और पशुओं के मेले के लिए प्रसिद्ध है
कर्मवीर में कौनसा समास है
‘प्रश्न चिन्हों में उठी हैं भाग्य-सागर की हिलोंरे।’ में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आये में कौन सा अलंकार है
‘शशि-मुख पर घूंघट डाले।’ में कौन सा अलंकार है
मानहु विधि तन-अच्छ छवि स्वच्छ राखिजे काज में कौन सा अलंकार है
'सुरभित सुन्दर सुखद सुमन तुम पर खिलते हैं में कौन सा अलंकार है
मैंने उसको जब जब देखा लोहा देखा में कौन-सा अलंकार है
खग कुल कुल कुल सा बोल रहा में कौन सा अलंकार है
महाभारत का फारसी में अनुवाद है
मैं बरजी कै बार तू, इतकत लेती करौंट। पंखुरी लगे गुलाब की, परि है गात खरौंट।’ में कौन सा अलंकार है
‘ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहन वारी। ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहाती है।’ में कौन सा अलंकार है
चंचला स्नान कर आए में कौन सा अलंकार है