vah deepshikha-si shant bhav mein leen : वह दीपशिखा-सी शांत भाव में लीन में उपमा अलंकार है।
बड़े बड़ाई ना करें बड़े न बोले बोल में कौनसा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आये में कौन सा अलंकार है
पुरूषों में कौनसा हॉर्मोन प्रजनन के लिए उत्तरदायी है
दुख इस मानव-आत्मा का रे में कौन सा अलंकार है
चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में कौनसा यात्री भारत भ्रमण के लिए आया था
सबहि सुलभ सब दिन सब देसा में कौन सा अलंकार है
तारावलि-सी मृदु मुसकान में कौन-सा अलंकार है
‘शशि-मुख पर घूंघट डाले।’ में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन सा अलंकार है
वैदिक काल में कौनसा जानवर ‘अघन्य’ माना जाता था
वे न इहाँ नागर भले जिन आदर तौं आब में कौन सा अलंकार है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
राम हृदय जाके नहीं, विपति सुमंगल ताहि में कौन सा अलंकार है
मलाबार क्षेत्र में किसानों ने 1921 में कौनसा विद्रोह किया था
मंगन को देखि पट देत बार-बार है में कौन सा अलंकार है
सर्वज्ञ में कौनसा समास है
‘खेदि -खेदि खाती दिह दारुन दलन की’ में कौन सा अलंकार है
मरणासन्न में कौनसा समास है
वाक्य-गयान अत्यंत निपुन भव-पार न पावै कोई।’ में कौन सा अलंकार है
हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग में कौन सा अलंकार है
‘रघुपति राघव राजा राम’ में कौन सा अलंकार है
खुले कोरे पृष्ठ जैसा वही उज्ज्वल, वही पावन रूप में कौन-सा अलंकार है
असंख्य कीर्ति रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी में कौन-सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा सी बहती है अब निशि -वासर’ में कौन सा अलंकार है
स्वर्गप्राप्त में कौनसा समास है
जो खग हौं तो बसेरो करौं मिलि ,कालिंदी कूल कदम्ब की डारन,में कौन सा अलंकार है
‘चाँद की सी उजली जाली’ में कौन सा अलंकार है
चमचमात चंचल नयन, बिच घूँघट पर झीन में कौन सा अलंकार है
नभ मंडल छाया मरुस्थल सा दल बाँध के अंधड़ आवे चला में कौन-सा अलंकार है
‘हाय फूल सी कोमल बच्ची, हुई राख की ढेरी थी।’ में कौन सा अलंकार है
एक सुंदर सीप का मुँह था खुला में कौन सा अलंकार है
‘दादुर धुनि चहुँ दिशा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई ।’ में कौन सा अलंकार है
शोभा-सिंधु ना अंत रही है।’ में कौन सा अलंकार है
खंड-खंड करताल बाजार ही विशुद्ध हवा।’ में कौन सा अलंकार है
खग कुल कुल कुल सा बोल रहा में कौन सा अलंकार है
"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये" में कौन सा अलंकार है
किस बौद्ध सन्यासी के प्रभाव में आकर सम्राट अशोक बौद्ध धर्म के अनुयायी बने
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
‘जगी वनस्पतियाँ अलसाई मुह धोया शीतल जल से’ में कौन सा अलंकार है
सारंग ले सारंग चली कर सारंग की ओट , सारंग झीनो देखकर सारंग कर गई चोट,में कौन सा अलंकार है
पोषण के अभाव में बालक का व्यवहार हो जाता है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
चांद से सुंदर मुख में कौन सा अलंकार है
जानति सौति अनीति है में कौन सा अलंकार है
चौरी-चौरा हिंसा के कारण गांधीजी ने 1922 में कौनसा आन्दोलन वापस लिया
‘बहुरि बदन-बिधु अंचल ढाँकी।’ में कौन सा अलंकार है
तरणि के ही संग तरंग में, तरणि डूबी थी हमारी ताल में, कौन सा अलंकार है
कर्मवीर में कौनसा समास है
‘धीरे-धीरे उतर क्षितिज से आ बसंत-रजनी।’ में कौन सा अलंकार है
देखि सुदामा की दीन दशा करुना करिके करुना निधि रोए।’ में कौन सा अलंकार है
बिधि निषेधमय कलिमल हरनी में कौन सा अलंकार है
वन शारदी चंद्रिका-चादर ओढ़े।’ में कौन सा अलंकार है
कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय, या खाए बौराए नर, वा पाए बौराय मैं कौन सा अलंकार है
किसी सोच में हो विभोर साँसें कुछ ठंडी खिंची। फिर झट गुलकर दिया दिया को दोनों आँखें मिंची।’ में कौन सा अलंकार है
जहां वर्णों की आवृन्त बार-बार होती है वहां कौनसा अलंकार होता है
राम रमापति कर धनु लेहू में कौन सा अलंकार है
‘सपना-सपना समझ कर भूल न जाना’ में कौन सा अलंकार है
‘प्रतिभट कटक कटीले केते काटि काटि’ में कौन सा अलंकार है
‘कालिका सी किलकि कलेऊ देती काल को’ में कौन सा अलंकार है
‘जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं।’ में कौन सा अलंकार है
लोने-लोने वे घने चने क्या बने-बने इठलाते हैं, हौले-हौले होली गा-गा धुंघरू पर ताल बजाते हैं।’ में कौन सा अलंकार है
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती में कौन सा अलंकार है
हां मैं हूं वृक्ष ओ मेरे प्यारे बच्चों में कौन सा अलंकार है
कठफोड़ा में कौनसा समास है
सुषुम-सेतु पर खड़ी थी, बीत गया दिन आह।’ में कौन सा अलंकार है
वन शारदी चंद्रिका चादर ओढ़े में कौन सा अलंकार है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
मैं बरजी कै बार तू, इतकत लेती करौंट। पंखुरी लगे गुलाब की, परि है गात खरौंट।’ में कौन सा अलंकार है
भर लाऊं सीपी में सागर प्रिय में कौन सा अलंकार है
‘है वसुंधरा बिखेर देती मोती सबके सोने पर। रवि बटोर लेता है उसको सदा सवेरा होने पर।’ में कौन सा अलंकार है
तारे आसमान के हैं आये मेहमान बनि में कौन सा अलंकार है
विमल वाणी ने वीणा ली ,कमल कोमल क्र में सप्रीत।’ में कौन सा अलंकार है
बाण नहीं पहुंचे शरीर तक शत्रु गिरे पहले ही भू पर में कौन सा अलंकार है
नगन जड़ाती थी वे नगन जड़ाती है, में कौन सा अलंकार है
‘राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।’ में कौन सा अलंकार है
राम नाम मनि-दीप धरु, जीह देहरी दवार, एक राम घनश्याम हित चातक तुलसीदास।’ में कौन सा अलंकार है
रावण सिर-सरोज-वनचारी में कौन सा अलंकार है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी में कौन सा अलंकार है
वे रहीम नर धन्य हैं में कौन सा अलंकार है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है