shaharagat mein samaas : शहरगत में कर्म तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह - शहर को गया हुआ।
लक्ष्य भ्रष्ट में समास है।
जितेन्द्रिय में समास है
आचारकुशल में समास है।
देवदत्त में समास है
वीरकन्या में समास है
चिंतामग्न में समास है
वन गमन में समास है
ईश्वरदत्त में समास है
हस्तलिखित में समास है
मुँहचोर में समास है
विचार लीन में समास है
नरभक्षी में समास है
कृष्णमूर्ति में समास है
गगनचुंबी में समास है
सिर तोड़ में समास है
रसभरा में समास है
अत्रदान में समास है
गृहस्वामी में समास है
दुःखद में समास है
नेत्रसुखद में समास है
विद्यालय में समास है
यज्ञशाला में समास है
सत्ताच्युत में समास है
प्रेमसिक्त रचित में समास है
आटा-दाल में समास है
बैलगाड़ी में समास है
शरणागत में समास है
तारों भरी में समास है
बाणाहत में समास है
वनरहित में समास है
प्राप्तोदक रचित में समास है
प्रेमाकुल में समास है
दुःखार्त में समास है
विकासोन्मुख में समास है
पंत प्रणीत में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
प्रयोगशाला में समास है
बुद्धिहीन में समास है
सूररचित में समास है
पददलित में समास है
गृहागत में समास है
मदमाता में समास है
सुखप्राप्त में समास है
बलहीन में समास है
अछूतोद्धार में समास है
सजा मुक्त में समास है
स्वर्गगत में समास है।
रक्तारक्त में समास है
तिल पापड़ी में समास है
तीर्थाटन में समास है
दुकान प्रवेश में समास है
देशाटन में समास है
पदच्युत में समास है
कष्ट सहिष्णुता में समास है
गठकटा में समास है
कर्णफूल में समास है
शास्त्रप्रवीण में समास है
श्रमदान में समास है
सर्वज्ञ में समास है
मरणातुर में समास है
नरश्रेष्ठ में समास है
लोकहितकारी में समास है
शोकग्रस्त में समास है
खरारि में समास है
पाठशाला में समास है
दानवीर में समास है
वनवास में समास है
हथघड़ी में समास है
स्वरचित में समास है
जीवदानी में समास है
अमचूर में समास है
चित्रकार में समास है
साधु दक्षिणा में समास है
जगबीती में समास है
शिवार्पण में समास है
जीवन मुक्त में समास है
कामचोर में समास है
नरोत्तम में समास है
स्नेहा बिष्ट में समास है
चिड़ियाघर में समास है