Yavajjivan mein kaun sa samas : यावज्जीवन में अव्ययीभाव समास है।
समास विग्रह - जब तक जीवन है।
हाथों हाथ में कौन सा समास है
भर लाऊं सीपी में सागर प्रिय में कौन सा अलंकार है
भर गया जी हनीफ़ जी जी कर, थक गए दिल के चाक सी सी कर, यों जिये जिस तरह उगे सब्ज़, रेग जारों में ओस पी पी कर इसमें कौन सा अलंकार है
रातभर में कौन सा समास है
पालक में कौन सा प्रत्यय है
अत्यधिक में कौन सा उपसर्ग है
तिरंगा में कौन सा समास है
यज्ञवेदी में कौन सा समास है
पापमुक्त में कौन सा समास है
घनश्याम में कौन सा समास है
पंचतंत्र में कौन सा समास है
स्वर्गप्राप्त में कौनसा समास है
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर, कर का मनका डारि दै, मन का मनका फेर में कौन सा अलंकार है
चौमासा में कौन सा समास है
अश्रुपूर्ण में कौन सा समास है
धनी-निर्धन में कौन सा समास है
स्त्री में कौन सा समास है
बेचैन में कौन सा समास है
निर्वासित में कौन सा प्रत्यय है
प्राणप्रिय में कौन सा समास है
सुलोचना में कौन सा समास है
अनजाने में कौन सा समास है
धुंधला में कौन सा प्रत्यय है
उषा सुनहरे तीर बरसाती, जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।’ में कौन सा अलंकार है
हीन भय जल मीन अधीन में कौन सा अलंकार है
यथामति में कौन सा समास है
भरपूर में कौन सा समास है
आगे-पीछे में कौन सा समास है
‘माला फेरत जुग भया, मिटा न मनका फेर, कर का मनका डारि के मन का मनका फेर।’ में कौन सा अलंकार है
शोभा-सिंधु ना अंत रही है।’ में कौन सा अलंकार है
यथेष्ट में कौन सा समास है
यथाशीघ्र में कौन सा समास है
पुत्ररत्न में कौन सा समास है
‘तब बहता समय शिला सा जम जायेगा’ में कौन सा अलंकार है
बेनाम में कौन सा समास है
नगर सेठ में कौन सा समास है
अंबर के तारे मानो मोती अनगन है में कौन सा अलंकार है
अष्टधातु में कौन सा समास है
यथानाम में कौन सा समास है
यथाक्रम में कौन सा समास है
यथारुचि में कौन सा समास है
बकायदा में कौन सा समास है
चिडीमार में कौन सा समास है
'कुल कानन कुंडल मोर पुखा, उर पे बनमाल विराजति है में कौन सा अलंकार है
मृगलोचन में कौन सा समास है
स्नेह मग्न में कौन सा समास है
अरहर सनई की सोने की, कंकरिया है शोभाशाली।’ में कौन सा अलंकार है
"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए" में कौन सा अलंकार की उत्पत्ति होती है
प्रत्यारोप में कौन सा समास है
मनमाना में कौन सा समास है
राजद्रोही में कौन सा समास है
‘खेदि -खेदि खाती दिह दारुन दलन की’ में कौन सा अलंकार है
चन्द्रमुख में कौन सा समास है
नेत्रहीन में कौन सा समास है
गृहस्वामी में कौन सा समास है
यथोचित में कौन सा समास है
जल-थल में कौन सा समास है
सुख-दुख में कौन सा समास है
सभा मंडप में कौन सा समास है
शोकमग्न में कौन सा समास है
बदस्तूर में कौन सा समास है
ले चला साथ मैं तुझे कनक ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण झनक में कौन सा अलंकार है
नीलगाय में कौन सा समास है
लोकनायक में कौन सा समास है
गजानन में कौन सा समास है
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
रसभरा में कौन सा समास है
चल-अचल में कौन सा समास है
चरण धरत, चिंता करत, चितवत चारहुँ ओर में कौन सा अलंकार है
गुणहीन में कौन सा समास है
दुस्साहस में कौन सा उपसर्ग है
मांसभक्षी में कौन सा समास है
कठफोड़ा में कौनसा समास है
‘यह हरा ठीगना चना बांधे मुरैना शीश पर।’ में कौन सा अलंकार है
दिवसावसान का समय मेघमय आसमान से उतर रही है में कौन सा अलंकार है
जलधारा में कौन सा समास है
नून-तेल में कौन सा समास है
‘मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों’ में कौन सा अलंकार है
जननी तू जननी भई,विधि सन कछु ना बसाय, में कौन सा अलंकार है
श्रद्धापूर्वक में कौन सा समास है