आगे-पीछे में द्वंद्व समास है.
आटा-दाल में कौन सा समास है
बेशर्म में कौन सा समास है
पंच पात्र में कौन सा समास है
देहलता में कौन सा समास है
राधा-कृष्ण में कौन सा समास है
ग्रामवास में कौन सा समास है
पठनीय में कौन सा प्रत्यय है
नारी, नारी, नारी; इसकी छवि है सबसे प्यारी में कौन सा अलंकार है
त्रिवेणी में कौन सा समास है
स्वर्ण पात्र में कौन सा समास है
जो खग हौं तो बसेरो करौं मिलि ,कालिंदी कूल कदम्ब की डारन,में कौन सा अलंकार है
गृहप्रवेश में कौन सा समास है
फलासक्त में कौन सा समास है
अकारण में कौन सा समास है
रावण सिर-सरोज-वनचारी में कौन सा अलंकार है
देशगत में कौन सा समास है
उपसर्ग शब्द में कौन सा उपसर्ग है
राजा-प्रजा में कौन सा समास है
यश-अपयश में कौन सा समास है
पर्णकुटी में कौन सा समास है
गगनचुम्बी में कौन सा समास है
नीलगगन में कौन सा समास है
रनित भृंग-घंटावली झरित दान-मधुनीर, मंद-मंद आवत चल्यो कुंजरु कुंज समीर,में कौन सा अलंकार है
प्रत्यक्ष में कौन सा समास है
जीव-जंतु में कौन सा समास है
भरसक में कौन सा समास है
या मुरली मुरलीधर की, अधरान धरी अधरा न धरौंगी में कौन सा अलंकार है
रससिक्त में कौन सा समास है
कटक में कौन सा प्रत्यय है
अंतर्व्यथा में कौन सा समास है
करुणापूर्ण में कौन सा समास है
'पंचपात्र' में कौन सा समास है
सुखदायक में कौन सा समास है
मेघ आए बड़े बन ठन के सँवर के में कौन सा अलंकार है
‘दादुर धुनि चहुँ दिशा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई ।’ में कौन सा अलंकार है
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के में कौन सा अलंकार है
बिना काम का में कौन सा समास है
दाल-रोटी में कौन सा समास है
देशभर में कौन सा समास है
रसोईघर में कौन सा समास है
चौमासा में कौन सा समास है
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती में कौन सा अलंकार है
ले चला साथ मैं तुझे कनक ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण झनक में कौन सा अलंकार है
पाठक में कौन सा प्रत्यय है
निर्वासित में कौन सा प्रत्यय है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है
लोटा-डोरी में कौन सा समास है
अनुदान में कौन सा समास है
चिडीमार में कौन सा समास है
स्नेह मग्न में कौन सा समास है
सिर फट गया उसका वही मानो अरुण रंग का घड़ा में कौन सा अलंकार है
कठफोड़ा में कौनसा समास है
कामचोर में कौन सा समास है
बेचैन में कौन सा समास है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
राष्ट्रपति में कौन सा समास है
दुष्कर्म में कौन सा समास है
हर साल में कौन सा समास है
पंचानन में कौन सा समास है
पराधीन में कौन सा समास है
माता-पिता में कौन सा समास है
टिकाऊ में कौन सा प्रत्यय है
नीलाकाश में कौन सा समास है
भरपेट में कौन सा समास है
पुत्ररत्न में कौन सा समास है
लिखावट में कौन सा प्रत्यय है
दायक में कौन सा प्रत्यय है
‘आवत जात कुंज की गलियन रूप सुधा नित पीजै। गोपी पद-पंकज पावन की रज जामे भीजै।’ में कौन सा अलंकार है
चरणकमल में कौन सा समास है
‘बीती विभावरी जाग री, अंबर पनघट में डुबो रही, तारा घट उषा नागरी।’ में कौन सा अलंकार है
बाधा था विधु को किसने इन काली जंजीरों से। मणि वाले फणियों का मुख क्यों भरा हुआ था हीरों से।’ में कौन सा अलंकार है
पथभ्रष्ट में कौन सा समास है
जितेन्द्रिय में कौन सा समास है
अन्नदान में कौन सा समास है
जिन दिन देखे वे कुसुम गई में कौन सा अलंकार है
कबीरा सोई पीर है जो जानै पर पीर, जो पर पीर न जानई सो काफिर बेपीर, में कौन सा अलंकार है
यथामति में कौन सा समास है
अज्ञात में कौन सा उपसर्ग है
साफ़-साफ़ में कौन सा समास है
तन-मन-धन में कौन सा समास है