”विकास के अनुरूप व्यक्ति में नवीन योग्यताएं एवं विशेषताएँ प्रकट होती है” यह कथन है
”vikaas ke anuroop vyakti mein navin yogyata evan visheshta prakat hoti hai” yah kathan hai : ”विकास के अनुरूप व्यक्ति में नवीन योग्यताएं एवं विशेषताएँ प्रकट होती है” यह कथन हरलॉक का है।