अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में छेकानुप्रास अनुप्रास अलंकार है.
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
बाँधा था विधु को किसने इन काली ज़ंजीरों में, मणिवाले फणियों का मुख क्यों भरा हुआ है हीरों से।’ में कौन सा अलंकार है
विमल वाणी ने वीणा ली, में कौन सा अलंकार है
एक सुंदर सीप का मुँह था खुला में कौन सा अलंकार है
‘कलियाँ दरवाज़े खोल खोल जब झुरमुट में मुस्काती हैं।’ में कौन सा अलंकार है
‘इस सोते संसार बीच, जगकर सजकर रजनीबाले।’ में कौन सा अलंकार है
नदियाँ जिनकी यशधारा सी बहती है अब निशि -वासर’ में कौन सा अलंकार है
हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आये में कौन सा अलंकार है
बहुरि बदन-बिधु अंचल ढाँकी।’ में कौन सा अलंकार है।
कूकै लगी कोयल कदंबन पर बैठी फेरि।’ में कौन सा अलंकार है
‘लो यह लतिका भी भर लाई, मधु मुकुल नवल रस गागरी।’ में कौन सा अलंकार है
नगन जड़ाती थी वे नगन जड़ाती है, में कौन सा अलंकार है
सपनों के गुब्बारे फोड़ती सुबह में कौन सा अलंकार है
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
बंदऊं गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा में कौन सा अलंकार है
‘खेदि -खेदि खाती दिह दारुन दलन की’ में कौन सा अलंकार है
राम नाम मनि-दीप धरु, जीह देहरी दवार, एक राम घनश्याम हित चातक तुलसीदास।’ में कौन सा अलंकार है
जिस वीरता से शत्रुओं का सामना उसने किया। असमर्थ हो उसके कथन में मौन वाणी ने लिया।’ में कौन सा अलंकार है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है
पुलक प्रकट करती है धरती हरित तृणों की नोकों से, मानो झूम रहे हों तरु भी मंद पवन के झोंकों से में कौन सा अलंकार है
तारावलि-सी मृदु मुसकान में कौन-सा अलंकार है
कहती हुई यों उत्तरा के नेत्र जल से भर गए में कौन सा अलंकार है
केकी रव की नुपुर ध्वनि सुन, जगती जगती की मूक प्यास।’ में कौन सा अलंकार है
खंड-खंड करताल बाजार ही विशुद्ध हवा।’ में कौन सा अलंकार है
राम हृदय जाके नहीं, विपति सुमंगल ताहि में कौन सा अलंकार है
पाहुन ज्यों आए हो गांव में शहर के में कौन सा अलंकार है
उघरहिं बिमल बिलोचन ही के में कौन सा अलंकार है
ध्वनि मयी कर के गिरि-कंदरा, कलित-कानन-केलि-निकुंज को,में कौन सा अलंकार है
‘बीती विभावरी जाग री, अंबर पनघट में डुबो रही, तारा घट उषा नागरी।’ में कौन सा अलंकार है
मेघ आये बड़े बन-ठन के संवर के।’ में कौन सा अलंकार है
"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए" में कौन सा अलंकार की उत्पत्ति होती है
हरिपद कोमल-कमल से में कौन-सा अलंकार है
वाक्य-गयान अत्यंत निपुन भव-पार न पावै कोई।’ में कौन सा अलंकार है
को घटि ये वृषभानुजा वे हलधर के वीर में कौन सा अलंकार है
सागर के उर पर नाच-नाच करती हैं लहरें मधुर गान।’ में कौन सा अलंकार है
‘रघुपति राघव राजा राम’ में कौन सा अलंकार है
‘माला फेरत जुग भया, मिटा न मनका फेर, कर का मनका डारि के मन का मनका फेर।’ में कौन सा अलंकार है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
वह दीपशिखा-सी शांत भाव में लीन में कौन-सा अलंकार है
सिर फट गया उसका वही मानो अरुण रंग का घड़ा में कौन सा अलंकार है
उदित उदय गिरि-मंच पर रघुबर-बाल पतंग, बिकसे संत-सरोज सब हरषे लोचन-भृंग।’ में कौन सा अलंकार है
बाण नहीं पहुंचे शरीर तक शत्रु गिरे पहले ही भू पर में कौन सा अलंकार है
असंख्य कीर्ति रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी में कौन-सा अलंकार है
किसबी, किसान-कुल बनिक, भिखारी, भाट में कौन सा अलंकार है
रती-रती सोभा सब रति के शरीर की,मैं कौन सा अलंकार है
रावण सिर-सरोज-वनचारी में कौन सा अलंकार है
‘नील गगन-सा शांत हृदय था सो रहा।’ में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आए। ...में कौन सा अलंकार है
राम रमापति कर धनु लेहू में कौन सा अलंकार है
‘आए महंत बसंत।’ में कौन सा अलंकार है
भजन कहो ताते भज्यो, भज्यो न एको बार में कौन सा अलंकार है
जगी वनस्पतियां अलसाई मुह धोया शीतल जल से में कौन सा अलंकार है
कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय, या खाए बौराए नर, वा पाए बौराय मैं कौन सा अलंकार है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी। मिली न तेरे मुख की उपमा, देखी वसुधा सारी में कौन सा अलंकार है
नभ पर चमचम चपला चमकी में कौन सा अलंकार है
पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय में कौन सा अलंकार है
‘कहती हुई यूँ उत्तरा के नेत्र जल से भर गए। हिम कणों से पूर्ण मानों हो गए पंकज नए।’ में कौन सा अलंकार है।
भूप सहस दस एकहि बारा में कौन सा अलंकार है
लहरें व्योम चूमती उठतीं में कौन सा अलंकार है
मार सुमार करी डरी,मरी मरीहि न मारि में कौन सा अलंकार है
संसार की समर स्थली मे धीरता धारण करो, मे कौन सा अलंकार है
शेष, महेश, गणेश, दिनेश, सुरेश हि जाहि निरंतर गावै में कौन सा अलंकार है
मैंने उसको जब जब देखा लोहा देखा में कौन-सा अलंकार है
दीपक-सा जलना होगा में कौन-सा अलंकार है
अरहर सनई की सोने की, कंकरिया है शोभाशाली।’ में कौन सा अलंकार है
देखि सुदामा की दीन दशा करुना करिके करुना निधि रोए।’ में कौन सा अलंकार है
चोरटी है गोरठी यह छोरटी अहीर की में कौन सा अलंकार है
मखमल के झूले पड़े हाथी सा टीला’ में कौन सा अलंकार है
‘प्रतिभट कटक कटीले केते काटि काटि’ में कौन सा अलंकार है
‘बरसत बारिद बून्द गहि’ में कौन सा अलंकार है
मैं बरजी कै बार तू, इतकत लेती करौंट। पंखुरी लगे गुलाब की, परि है गात खरौंट।’ में कौन सा अलंकार है
खग कुल कुल कुल सा बोल रहा में कौन सा अलंकार की उत्पत्ति होती है
रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून में कौन सा अलंकार है
'छोरटी है गोरटी या चोरटी अहीर की में कौन सा अलंकार है
कालिंदी कूल कदंब की डारन में कौन सा अलंकार है
मेरे नगपति! मेरे विशाल! में कौन सा अलंकार है
‘दुख है जीवन-तरु के मूल।’ में कौन सा अलंकार है
ईस भजनु सारथी-सुजाना , बिरति-वर्म संतोष कृपाना।’ में कौन सा अलंकार है