grhasth aashram mein samaas : गृहस्थ आश्रम में सम्प्रदान तत्पुरुष समास है।
समास विग्रह- गृहस्थ के लिए आश्रम
नगर निवास में समास है।
ज्वरग्रस्त में समास है
सजा मुक्त में समास है
प्रेमसिक्त रचित में समास है
आमरस में समास है
देशनिकाला में समास है
दुःखद में समास है
सर्वज्ञ में समास है
काकबलि में समास है
कर्णफूल में समास है
श्रमजीवी में समास है
रण विमुख में समास है
धर्मभ्रष्ट में समास है
रोगमुक्त में समास है
रक्तारक्त में समास है
गुरु दक्षिणा में समास है
आवेदन पत्र में समास है
कारावास में समास है
विद्याप्रवीण में समास है
आचारकुशल में समास है।
पंत प्रणीत में समास है
सिर तोड़ में समास है
दुःख संतप्त में समास है
शक्तिहीन में समास है
विद्याधर में समास है
आज्ञानुसार में समास है
स्नेहा बिष्ट में समास है
कमरतोड़ में समास है
वनरहित में समास है
चिंताग्रस्त में समास है
पाकिटमार में समास है
पथभ्रष्ट में समास है
जितेन्द्रिय में समास है
दूरागत में समास है
गुणयुक्त में समास है
कष्टापन्न में समास है
वन गमन में समास है
रथारूढ़ में समास है
कठखोदवा में समास है
नीतियुक्त में समास है
रोजगार वंचित में समास है
सर्वव्याप्त में समास है
शहरवास में समास है
तुलसी कृत में समास है
ईश्वरदत्त में समास है
नरश्रेष्ठ में समास है
बीमारी मुक्त में समास है
चरित्र चित्रण में समास है
यशोदा में समास है
चित्त चोर में समास है
विचार मग्न में समास है
देशार्पण में समास है
सूररचित में समास है
जीवन मुक्त में समास है
आशातीत में समास है
दयार्द्र में समास है
रसभरा में समास है
कलंकयुक्त में समास है
संकटापन्न में समास है
धर्म विमुख में समास है
परलोकगमन में समास है
अकाल पीड़ित में समास है
तिलचट्टा में समास है
जलधारा में समास है
मरणोत्तर में समास है
मदांध में समास है
गंगातट में समास है
विधि निर्माण में समास है
क्रीड़ास्थल में समास है
ध्यानमग्न में समास है
स्नानघर में समास है
कामचोर में समास है
धनहीन में समास है
यज्ञाहुति में समास है।
व्यवहारकुशल में समास है
डाकगाड़ी में समास है
जलाभिषेक में समास है
कपड़छन में समास है
ग्रंथकार में समास है