बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय सौंह करै भौंहनि हँसै, दैन कहैं नटि जाइ कौन सा रस है
Batras Lalach-lal Ki Murli Dhari Lukay Saunh Kare Bhushan Hase Dhani Kahe Nat Ja Mein Ras Hai : बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय सोह करे भौंहनि हँसे देन कहे नटी जाये में रस संयोग श्रृंगार रस है।
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