samaksh mein kaun sa samas : समक्ष में अव्ययीभाव समास है।
समास विग्रह - अक्षि के सामने
चातुर्वर्ण में कौन सा समास है
दोपहर में कौन सा समास है
भरपेट में कौन सा समास है
माखनचोर में कौन सा समास है
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
भारत के दक्षिण में कौन सा महासागर है
मांसाहारी में कौन सा समास है
मुक्ति प्राप्त में कौन सा समास है
बेधड़क में कौन सा समास है
चन्द्रमुख में कौन सा समास है
गौरीशंकर में कौन सा समास है
शराहत में कौन सा समास है
किसबी, किसान-कुल बनिक, भिखारी, भाट में कौन सा अलंकार है
है जन्म लेते जगह में एक ही में कौन सा अलंकार है
दुख इस मानव-आत्मा का रे में कौन सा अलंकार है
हथकड़ी में कौन सा समास है
आयु पर्यंत में कौन सा समास है
कुंद इंदु सम देह, उमा रमन करुणा अयन में कौन सा अलंकार है
भारतरत्न में कौन सा समास है
दुस्साहस में कौन सा उपसर्ग है
टैमेरिंड (इमली) में कौन सा अम्ल होता है
चौमासा में कौन सा समास है
अंबर के तारे मानो मोती अनगन है में कौन सा अलंकार है
नीतिकुशल में कौन सा समास है
प्राणप्रिय में कौन सा समास है
जिंदगी में कौन सा प्रत्यय है
‘इस सोते संसार बीच, जगकर सजकर रजनीबाले।’ में कौन सा अलंकार है
‘श्रद्धानत तरुओं की अंजली से झरे पात, कोंपल के मूंदे नयन थर-थर-थर पुलकगात।’ में कौन सा अलंकार है
मुदित महीपति मंदिर आए। ...में कौन सा अलंकार है
कठफोड़ा में कौनसा समास है
नायक में कौन सा प्रत्यय है
स्नेहमग्न में कौन सा समास है
बिनु पग चले सुने बिनु काना में कौन सा अलंकार है
रससिक्त में कौन सा समास है
नीलोत्पल में कौन सा समास है
आपबीती में कौन सा समास है
दशमुख में कौन सा समास है
जिन दिन देखे वे कुसुम गई में कौन सा अलंकार है
करुणापूर्ण में कौन सा समास है
बेमतलब में कौन सा समास है
पथभ्रष्ट में कौन सा समास है
‘चाँद की सी उजली जाली’ में कौन सा अलंकार है
प्रतिहिंसा में कौन सा समास है
महावीर में कौन सा समास है
प्रतिपल में कौन सा समास है
सेवामुक्त में कौन सा समास है
देश भक्ति में कौन सा समास है
चालक में कौन सा प्रत्यय है
आटा-दाल में कौन सा समास है
‘फूल हँसे कलियाँ मुसकाई।’ में कौन सा अलंकार है
ग्रंथकार में कौन सा समास है
यथायोग्य में कौन सा समास है
यश-अपयश में कौन सा समास है
अधपका में कौन सा समास है
सिरतोड़ में कौन सा समास है
हाथों हाथ में कौन सा समास है
भला-बुरा में कौन सा समास है
किसी सोच में हो विभोर साँसें कुछ ठंडी खिंची। फिर झट गुलकर दिया दिया को दोनों आँखें मिंची।’ में कौन सा अलंकार है
यथासामर्थ्य में कौन सा समास है
सुख-दुख में कौन सा समास है
जननी तू जननी भई,विधि सन कछु ना बसाय, में कौन सा अलंकार है
पराधीन जो जन नहीं, स्वर्ग नरक ता हेतु,में कौन सा अलंकार है
अध्यात्म में कौन सा समास है
‘चमक गई चपला चम चम’ में कौन सा अलंकार है
मेघ आए बड़े बन ठन के सँवर के में कौन सा अलंकार है
लहरें व्योम चूमती उठतीं में कौन सा अलंकार है
त्रिलोचन में कौन सा समास है
‘मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों’ में कौन सा अलंकार है
सागर के उर पर नाच-नाच करती हैं लहरें मधुर गान।’ में कौन सा अलंकार है
लालमणि में कौन सा समास है
मनगढ़ंत में कौन सा समास है
ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहन वारी। ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहती है में कौन सा अलंकार है
स्त्री में कौन सा समास है
कंकन किंकिनि नूपुर धुनि सुनि, कहत लखन सन राम हृदय गुनि,में कौन सा अलंकार है
यथास्थान में कौन सा समास है
स्नेह मग्न में कौन सा समास है
पंचवटी में कौन सा समास है
मंद-मंद में कौन सा समास है
सभा मंडप में कौन सा समास है