saparivar Mein Kaun Sa Samas : सपरिवार में अव्ययीभाव समास है।
समास विग्रह - परिवार के साथ
ध्वनि मयी कर के गिरि-कंदरा, कलित-कानन-केलि-निकुंज को,में कौन सा अलंकार है
जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो में कौन सा अलंकार है
‘जगी वनस्पतियाँ अलसाई मुह धोया शीतल जल से’ में कौन सा अलंकार है
आजीवन में कौन सा समास है
अंतर्व्यथा में कौन सा समास है
आचार्कुशल में कौन सा समास है
यथानियम में कौन सा समास है
अत्याचार में कौन सा उपसर्ग है
मनमाना में कौन सा समास है
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई में कौन सा रस है
वह शर इधर गांडीव धनुष से भिन्न जैसे ही हुआ में कौन सा अलंकार है
गेहू के दाने में कौन सा प्रोटीन पाया जाता है
विमल वाणी ने वीणा ली ,कमल कोमल क्र में सप्रीत।’ में कौन सा अलंकार है
'छोरटी है गोरटी या चोरटी अहीर की में कौन सा अलंकार है
गौरीशंकर में कौन सा समास है
सज्जन में कौन सा समास है
रक्तकमल में कौन सा समास है
बेमतलब में कौन सा समास है
चांद से सुंदर मुख में कौन सा अलंकार है
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती में कौन सा अलंकार है
बेशक में कौन सा समास है
यथामति में कौन सा समास है
भजन कहो ताते भज्यो, भज्यो न एको बार में कौन सा अलंकार है
आमरण में कौन सा समास है
हानि-लाभ में कौन सा समास है
धनी-निर्धन में कौन सा समास है
करुणापूर्ण में कौन सा समास है
‘माला फेरत जुग भया, मिटा न मनका फेर, कर का मनका डारि के मन का मनका फेर।’ में कौन सा अलंकार है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
चंचला स्नान कर आए में कौन सा अलंकार है
उदित उदय गिरि-मंच पर रघुबर-बाल पतंग, बिकसे संत-सरोज सब हरषे लोचन-भृंग।’ में कौन सा अलंकार है
‘खेदि -खेदि खाती दिह दारुन दलन की’ में कौन सा अलंकार है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
नीलगगन में कौन सा समास है
आदिप्रवर्तक में कौन सा समास है
किसबी, किसान-कुल बनिक, भिखारी, भाट में कौन सा अलंकार है
बेलगाम में कौन सा समास है
मेघ आये बड़े बन-ठन के संवर के।’ में कौन सा अलंकार है
शोकमग्न में कौन सा समास है
सप्तर्षि में कौन सा समास है
लसत सूर सायक-धनु-धारी में कौन सा अलंकार है
मार सुमार करी डरी,मरी मरीहि न मारि में कौन सा अलंकार है
ऊंच-नीच में कौन सा समास है
‘कालिका सी किलकि कलेऊ देती काल को’ में कौन सा अलंकार है
कालिंदी कूल कदंब की डारन में कौन सा अलंकार है
बेरहम में कौन सा समास है
पीतांबर में कौन सा समास है
त्रिलोक में कौन सा समास है
जलहीन में कौन सा समास है
पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय में कौन सा अलंकार है
कंकन किंकिनि नूपुर धुनि सुनि, कहत लखन सन राम हृदय गुनि,में कौन सा अलंकार है
‘यह हरा ठीगना चना बांधे मुरैना शीश पर।’ में कौन सा अलंकार है
रातभर में कौन सा समास है
सत्पुरुष में कौन सा समास है
'पूर्वापर' में कौन सा समास है
गुणहीन में कौन सा समास है
डाकगाड़ी में कौन सा समास है
शोकातुर में कौन सा समास है
यथासामर्थ्य में कौन सा समास है
श्रद्धापूर्वक में कौन सा समास है
पाप-पुण्य में कौन सा समास है
‘बरसत बारिद बून्द गहि’ में कौन सा अलंकार है
कोलाहल बैठा सुल्तान में कौन सा अलंकार है
बन्धन मुक्त में कौन सा समास है
धनहीन में कौन सा समास है
बाँधा था विधु को किसने इन काली ज़ंजीरों में, मणिवाले फणियों का मुख क्यों भरा हुआ है हीरों से।’ में कौन सा अलंकार है
अत्यधिक में कौन सा उपसर्ग है
‘बीती विभावरी जाग री, अंबर पनघट में डुबो रही, तारा घट उषा नागरी।’ में कौन सा अलंकार है
बेअटके में कौन सा समास है
फलों और सब्जियों में कौन सा विटामिन नहीं होता है
मेघ आए बड़े बन ठन के सँवर के में कौन सा अलंकार है
अनजाने में कौन सा समास है
तिल-चावल में कौन सा समास है
यथास्थान में कौन सा समास है
बोकरा-छेरी में कौन सा समास है
नीलगाय में कौन सा समास है
प्रत्येक वर्ष में कौन सा समास है
अन्न-जल में कौन सा समास है
‘सपना-सपना समझ कर भूल न जाना’ में कौन सा अलंकार है
तारे आसमान के हैं आये मेहमान बनि में कौन सा अलंकार है