maharshi Mein samas : महर्षि में कर्मधारय तत्पुरूष समास है।
समास विग्रह - महान् है जो ऋषि
नवरात्र में कौन सा समास है
वाक्य-गयान अत्यंत निपुन भव-पार न पावै कोई।’ में कौन सा अलंकार है
‘जगी वनस्पतियाँ अलसाई मुह धोया शीतल जल से’ में कौन सा अलंकार है
‘कहै कवि बेनी, बेनी ब्याल की चुराई लानी।’ में कौन सा अलंकार है
मंद-मंद में कौन सा समास है
राष्ट्रीय में कौन सा प्रत्यय है
जीव-जंतु में कौन सा समास है
ऋषि कन्या में कौन सा समास है
आत्मघाती में कौन सा समास है
शुभागमन में कौन सा समास है
खिलौना में कौन सा प्रत्यय है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी। मिली न तेरे मुख की उपमा, देखी वसुधा सारी में कौन सा अलंकार है
यथाशक्ति में कौन सा समास है
स्वर्गप्राप्त में कौनसा समास है
नवयुवक में कौन सा समास है
यशप्राप्त में कौन सा समास है
नगर सेठ में कौन सा समास है
निस्संदेह में कौन सा समास है
यथोचित में कौन सा समास है
अनुज में कौन सा प्रत्यय है
दृग पग पोंछन को करे भूषन पायंदाज में कौन सा अलंकार है
जितेन्द्रिय में कौन सा समास है
शेष, महेश, गणेश, दिनेश, सुरेश हि जाहि निरंतर गावै में कौन सा अलंकार है
दीपशिखा में कौन सा समास है
हर साल में कौन सा समास है
बेरहम में कौन सा समास है
यथानाम में कौन सा समास है
श्रीमती में कौन सा प्रत्यय है
धर्म-अधर्म में कौन सा समास है
सपरिवार में कौन सा समास है
पुस्तकालय में कौन सा संधि है
सप्रसंग में कौन सा समास है
निडर में कौन सा समास है
जिन दिन देखे वे कुसुम गई में कौन सा अलंकार है
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई में कौन सा रस है
शोकातुर में कौन सा समास है
तिरंगा में कौन सा समास है
मनमाना में कौन सा समास है
‘आवत जात कुंज की गलियन रूप सुधा नित पीजै। गोपी पद-पंकज पावन की रज जामे भीजै।’ में कौन सा अलंकार है
ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास है
एक राम घनश्याम हित चातक तुलसीदास में कौन सा अलंकार है
सप्तर्षि में कौन सा समास है
यथाविधि में कौन सा समास है
प्रतिक्षण में कौन सा समास है
गृहस्वामी में कौन सा समास है
पाठशाला में कौन सा समास है
पालक में कौन सा प्रत्यय है
विरहसागर में कौन सा समास है
‘माला फेरत जुग भया, मिटा न मनका फेर, कर का मनका डारि के मन का मनका फेर।’ में कौन सा अलंकार है
सहसा में कौन सा समास है
जाति भ्रष्ट में कौन सा समास है
अमिय मूरिमय चूरन चारु समन सकल भव रुज परिवारु में कौन सा अलंकार है
रथचालक में कौन सा समास है
सहसबाहु सम रिपु मोरा।’ में कौन सा अलंकार है
यथासामर्थ्य में कौन सा समास है
सुख-दुख में कौन सा समास है
‘प्रश्न चिन्हों में उठी हैं भाग्य-सागर की हिलोंरे।’ में कौन सा अलंकार है
हाथों हाथ में कौन सा समास है
कृष्णसर्प में कौन सा समास है
अकारण में कौन सा समास है
नदियाँ जिनकी यशधारा-सी बहती हैं अब भी निशि वासर में कौन सा अलंकार है
लो हरित धरा से झांक रही, नीलम की कली, तीसी नीली।’ में कौन सा अलंकार है
नीलगगन में कौन सा समास है
बिना काम का में कौन सा समास है
अश्रुपूर्ण में कौन सा समास है
रातोंरात में कौन सा समास है
संतरे में कौन सा विटामिन पाया जाता है
त्रिफला में कौन सा समास है
समक्ष में कौन सा समास है
अति मलिन वृषभानुकुमारी, अधोमुख रहति, उरध नहीं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी, छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी’ में कौन सा अलंकार है
यथाशीघ्र में कौन सा समास है
जन्म-मरण में कौन सा समास है
भिक्षुक में कौन सा प्रत्यय है
रसभरा में कौन सा समास है
आशालता में कौन सा समास है
दुख इस मानव-आत्मा का रे में कौन सा अलंकार है
युधिष्ठिर में कौन सा समास है
बाण नहीं पहुंचे शरीर तक शत्रु गिरे पहले ही भू पर में कौन सा अलंकार है
‘दादुर धुनि चहुँ दिशा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई ।’ में कौन सा अलंकार है
दोषमुक्त में कौन सा समास है