charitrik Vikas Ke Antargat Vikas Sambandhi Kriya Ko Balak Sikhata Hai : चारित्रिक विकास के अन्तर्गत विकास सम्बन्धी क्रियाओं को बालक आत्म अनुशासन, मर्यादित व्यवहार, नैतिक व्यवहार सीखता है।
दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण संधि व अयादि संधि, संधि के किस मूल भेद के अन्तर्गत सन्निहित है