भरपूर में अव्ययीभाव समास है.
भरपूर में कौन सा समास है
बीचों-बीच में कौन सा समास है
वन गमन में कौन सा समास है
कोलाहल बैठा सुल्तान में कौन सा अलंकार है
आचार्कुशल में कौन सा समास है
अंबर के तारे मानो मोती अनगन है में कौन सा अलंकार है
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई में कौन सा रस है
पापमुक्त में कौन सा समास है
नीलोत्पल में कौन सा समास है
‘कालिंदी कूल कदंब की डारिन’ में कौन सा अलंकार है
अपना-पराया में कौन सा समास है
आयु पर्यंत में कौन सा समास है
चंचला स्नान कर आए में कौन सा अलंकार है
दिगंबर में कौन सा समास है
राष्ट्रगौरव में कौन सा समास है
देशरक्षा में कौन सा समास है
रोगमुक्त में कौन सा समास है
सहसबाहु सम रिपु मोरा।’ में कौन सा अलंकार है
मरणासन्न में कौनसा समास है
दायक में कौन सा प्रत्यय है
भवन में कौन सा प्रत्यय है
नीलकमल में कौन सा समास है
जानति सौति अनीति है में कौन सा अलंकार है
पठनीय में कौन सा प्रत्यय है
रण विमुख में कौन सा समास है
है जन्म लेते जगह में एक ही में कौन सा अलंकार है
कृष्णसर्प में कौन सा समास है
"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए" में कौन सा अलंकार की उत्पत्ति होती है
यथामति में कौन सा समास है
स्नेह मग्न में कौन सा समास है
यथासमय में कौन सा समास है
स्वर्गप्राप्त में कौनसा समास है
अहंकार में कौन सा संधि है
‘हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग, लंका सिगरी जल गई गए निशाचर भाग।’ में कौन सा अलंकार है
लार में कौन सा एन्जाइम पाया जाता है
महर्षि में कौन सा समास है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है
मार-पीट में कौन सा समास है
माखनचोर में कौन सा समास है
त्रिवेणी में कौन सा समास है
सत्पुरुष में कौन सा समास है
गुण-दोष में कौन सा समास है
रावनु रथी विरथ रघुवीरा’ में कौन सा अलंकार है
पंकज तो पंकज, मृगांक भी है मृगांक री प्यारी में कौन सा अलंकार है
उघरहिं बिमल बिलोचन ही के में कौन सा अलंकार है
मनगढ़ंत में कौन सा समास है
स्त्री में कौन सा समास है
प्रत्यक्ष में कौन सा समास है
मंद-मंद में कौन सा समास है
‘अचल हिमगिरि के हृदय में आज चाहे कंप हो ले, या प्रलय के आंसुओं में मौन अलखित व्योम रो ले।’ में कौन सा अलंकार है
मुँहतोड़ में कौन सा समास है
उषा सुनहरे तीर बरसाती, जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।’ में कौन सा अलंकार है
भर लाऊं सीपी में सागर प्रिय में कौन सा अलंकार है
देहलता में कौन सा समास है
‘बहुरि बदन-बिधु अंचल ढाँकी।’ में कौन सा अलंकार है
पूजनीय में कौन सा प्रत्यय है
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती में कौन सा अलंकार है
सेवामुक्त में कौन सा समास है
‘कहै कवि बेनी, बेनी ब्याल की चुराई लानी।’ में कौन सा अलंकार है
पाप-पुण्य में कौन सा समास है
प्रत्येक में कौन सा समास है
बेचैन में कौन सा समास है
लालमणि में कौन सा समास है
देश भक्ति में कौन सा समास है
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के में कौन सा अलंकार है
पर्वतारोहण में कौन सा समास है
यज्ञशाला में कौन सा समास है
भोजनालय में कौन सा समास है
दाल-रोटी में कौन सा समास है
भर गया जी हनीफ़ जी जी कर, थक गए दिल के चाक सी सी कर, यों जिये जिस तरह उगे सब्ज़, रेग जारों में ओस पी पी कर इसमें कौन सा अलंकार है
कुलीन में कौन सा प्रत्यय है
बिनु पग चले सुने बिनु काना में कौन सा अलंकार है
पर्णकुटी में कौन सा समास है
‘तारा सो तरनि धूरि धारा मैं लगत जिमि, थारा पर पारा पारावार यो हलत है।’ में कौन सा अलंकार है
हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग में कौन सा अलंकार है
लट लटकनि मनु मत्त मधुप गन मादक मधुहिं पिए में कौन सा अलंकार है
श्रीमती में कौन सा प्रत्यय है
बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय, सौंह करै भौंहनु हँसे , दैन कहै , नटि जाय में कौन सा रस है
जलहीन में कौन सा समास है
नगन जड़ाती थी वे नगन जड़ाती है, में कौन सा अलंकार है