bevajah Mein Kaun Sa Samas : बेवजह में अव्ययीभाव समास है।
समास विग्रह - बिना वजह के
विद्यारहित में कौन सा समास है
नायक में कौन सा प्रत्यय है
स्त्री-पुरुष में कौन सा समास है
जितेन्द्रिय में कौन सा समास है
कीर्तिलता में कौन सा समास है
मांसभक्षी में कौन सा समास है
कबीरा सोई पीर है जो जानै पर पीर, जो पर पीर न जानई सो काफिर बेपीर, में कौन सा अलंकार है
अरहर सनई की सोने की, कंकरिया है शोभाशाली।’ में कौन सा अलंकार है
दाल-रोटी में कौन सा समास है
मृगलोचन में कौन सा समास है
गायक में कौन सा प्रत्यय है
रक्तकमल में कौन सा समास है
वह शर इधर गांडीव धनुष से भिन्न जैसे ही हुआ में कौन सा अलंकार है
लाजवाब में कौन सा समास है
मंद-मंद में कौन सा समास है
गंगा-यमुना में कौन सा समास है
लोकनायक में कौन सा समास है
वे रहीम नर धन्य हैं में कौन सा अलंकार है
एड़ी-चोटी में कौन सा समास है
अमीर-गरीब में कौन सा समास है
देशरक्षा में कौन सा समास है
आत्मघाती में कौन सा समास है
जीव-जंतु में कौन सा समास है
श्रीमती में कौन सा प्रत्यय है
यदि कोई व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता है तो उसकी दृष्टि में कौन सा दोष होगा
बिधि निषेधमय कलिमल हरनी में कौन सा अलंकार है
अंतिम में कौन सा प्रत्यय है
फहरी ध्वजा, फड़की भुजा, बलिदान की ज्वाला उठी, निज जन्मभू के मान में, चढ़ मुण्ड की माला उठी में कौन सा रस है
‘आए महंत बसंत।’ में कौन सा अलंकार है
चरणकमल में कौन सा समास है
‘अचल हिमगिरि के हृदय में आज चाहे कंप हो ले, या प्रलय के आंसुओं में मौन अलखित व्योम रो ले।’ में कौन सा अलंकार है
मान-सम्मान में कौन सा समास है
वन शारदी चंद्रिका चादर ओढ़े में कौन सा अलंकार है
महादेव में कौन सा समास है
ठण्डा-गरम में कौन सा समास है
भर गया जी हनीफ़ जी जी कर, थक गए दिल के चाक सी सी कर, यों जिये जिस तरह उगे सब्ज़, रेग जारों में ओस पी पी कर इसमें कौन सा अलंकार है
जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो में कौन सा अलंकार है
बाँधा था विधु को किसने इन काली ज़ंजीरों में, मणिवाले फणियों का मुख क्यों भरा हुआ है हीरों से।’ में कौन सा अलंकार है
महाराज में कौन सा समास है
लट लटकनि मनु मत्त मधुप गन मादक मधुहिं पिए में कौन सा अलंकार है
ऋषि कन्या में कौन सा समास है
तिरंगा में कौन सा समास है
मदान्ध में कौन सा समास है
खग कुल कुल कुल सा बोल रहा में कौन सा अलंकार की उत्पत्ति होती है
देशभर में कौन सा समास है
पुलक प्रकट करती है धरती हरित तृणों की नोकों से, मानो झूम रहे हों तरु भी मंद पवन के झोंकों से में कौन सा अलंकार है
मार-पीट में कौन सा समास है
रससिक्त में कौन सा समास है
हर एक में कौन सा समास है
यथारुचि में कौन सा समास है
उषा सुनहरे तीर बरसाती, जय लक्ष्मी-सी उदित हुई।’ में कौन सा अलंकार है
रुपया-पैसा में कौन सा समास है
सशक्त में कौन सा समास है
खट्टे फलों में कौन सा अम्ल मौजूद होता है
अकारण में कौन सा समास है
रातोंरात में कौन सा समास है
दशानन में कौन सा समास है
एक राम घनश्याम हित चातक तुलसीदास में कौन सा अलंकार है
भरसक में कौन सा समास है
चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं जल-थल में। में कौन सा अलंकार है
ध्वनि मयी कर के गिरि-कंदरा, कलित-कानन-केलि-निकुंज को,में कौन सा अलंकार है
आगे-पीछे में कौन सा समास है
भलामानस’ में कौन सा समास है
मरणासन्न में कौनसा समास है
अनुदार में कौन सा समास है
पूजनीय में कौन सा प्रत्यय है
चोरटी है गोरठी यह छोरटी अहीर की में कौन सा अलंकार है
प्रतिक्षण में कौन सा समास है
प्रत्युपकार में कौन सा समास है
अठन्नी में कौन सा समास है
प्राणप्रिय में कौन सा समास है
घनश्याम में कौन सा समास है
मुँहतोड़ में कौन सा समास है
रण विमुख में कौन सा समास है
नाक का मोती अधर की कांति से में कौन सा अलंकार है
राजद्रोही में कौन सा समास है
बेरहम में कौन सा समास है
मुख मयंक सम मंजु मनोहर,में कौन सा अलंकार है
कनकटा में कौनसा समास है
दूरागत में कौन सा समास है