केशव दास ने की.
उत्तर प्रियदर्शी की रचना
बुनी हुई रस्सी की रचनाकार
हिंदी कुसुमावली की रचना
शेखर एक जीवनी की रचना
रूपावांरा की रचना
मिताक्षरा किसकी रचना है
कृष्णदेव राय ने ‘आमुक्तमालाद’ की रचना किस भाषा में की
कालिदास की रचनाओं मेघदूत, ऋतु संहार, विक्रमोवर्षीय तथा रघुवंश में से कौनसी रचना नाटक की श्रेणी में आती है
अपने अपने अजनबी की रचना
चित्र रेखा की रचना
आत्मा की आंखें की रचनाएं
तमस किसकी रचना है
‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ की रचना किसने की
प्रकीर्ण गघावली की रचना
जयद्रथ वध की रचना
आत्मनेपद की रचना
त्रिभंगिमा की रचना
कबीर ग्रंथावली की रचना
पद्मावत की रचना किस के द्वारा किया गया
शकुंतला की रचना
सूर साहित्य किसकी रचना है
ह्वेनसांग की रचना का क्या नाम है
शिवाशौर्य की रचना
नीति शिक्षा की रचना
हिंदी साहित्य का इतिहास की रचना किसने की
परम्परा की रचना
विपथगा की रचना
बकरी विलाप किसकी रचना है
स्मृति की रेखाएं की रचना
नागनंद किसकी रचना है
भारत भारती की रचना
रामाज्ञा प्रश्नावली की रचना
भूगोल हस्तामलक, की रचना
उर्वशी की रचना की
योग वशिष्ठ के चुने की रचना
नीति शतक किसकी रचना है
रेल का विकट खेल किसकी रचना है
‘विद्रोही‘ कविता की रचना किसने की थी
पांडुरंग महात्यम की रचना किसने की
पार्वती मंगल की रचना
चित्र की रचना
पूर्वोदय की रचना
गोरा किस की रचना है
बीजक किसकी रचना है
युगांतर की रचना
जहाँगीर जस चंद्रिका किस कवि की रचना है
कर्णफूल की रचना
किस सातवाहन सम्राट ने ‘गाथासप्तशई’ नामक महत्वपूर्ण कृति की रचना की
सेवा सदन की रचना
ऐहोल अभिलेख की रचना किसने की थी
त्रिशंकु की रचना
सुनीता की रचना
सूरसागर की रचना
बुद्धचरित की रचना किसने की
‘सेतुबंध’ की रचना किस वंश के शासक ने की
साकेत की रचना
कुणाल गीत की रचना
नीहार की रचना
पाजेब की रचना
रहीम सतसई की रचना
स्वर्ण किरण की रचना
गाथा सप्तशती नामक ग्रंथ की रचना किस भाषा में की
गोवर्धन लीला की रचना
कृष्ण गीतावली किसकी रचना है
विशुद्ध मार्ग की रचना किसने की
रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानन्द’ नामक तीन प्रसिद्ध नाटकों की रचना किसने की
भैरवी की रचना
बावरा अहेरी की रचना
मतविलास प्रहषन किसकी रचना है
बरवै रामायण किसकी रचना है
आराधना की रचना
गोस्वामी तुलसीदास की रचना किसने की
छंदसार की रचना
सूरसागर किसकी रचना है
रास पंचाध्यायी की रचना
पलाश वन की रचना
आत्मनेपद किसकी रचना है
चिंतामणि की रचना
मुक्तिबोध की रचना
सुनहले शैवाल की रचना