महादेवी वर्मा ने की.
प्रेम मालिका की रचना
रघुवंशम किसकी रचना है
सूर साहित्य किसकी रचना है
योग वशिष्ठ के चुने की रचना
मौर्य विजय किसकी रचना है
भक्तमाल किस विधा की रचना है
अनध की रचना
कृष्णदेव राय ने ‘आमुक्त माल्यद’ ग्रन्थ की रचना किस भाषा में की
प्रकीर्ण गघावली की रचना
बरवै रामायण किसकी रचना है
नीति शिक्षा की रचना
सुप्रसिद्ध कृति तबकात-ए-अकबरी की रचना किसने की थी
आत्मनेपद किसकी रचना है
रूपक रहस्य की रचना
भावुक की रचना
शिवराज भूषण की रचना
हरिश्चंद्र, की रचना
किरातार्जुनीयम् किसकी रचना है
सान्ध्य गीत की रचना
चित्राधार की रचना
अंजलि और अर्घ्य की रचना
किस सातवाहन नरेश ने ‘गाथासप्तशती’ नामक महत्वपूर्ण कृति की रचना की
रसवंती की रचना
कबीर ग्रंथावली की रचना
व्यतीत की रचना
कोठरी की बात की रचना
चिंता की रचना
गोदान की रचना
‘ऋतुसंहार’, ‘कुमारसंभव’ तथा ‘रघुवंशम’ किसकी रचनाएँ हैं
ध्रुवस्वामिनी की रचना
अष्टाध्यायी की रचना किसने की
श्रीरामचरितमानस की रचना
वैराग्य संदीपनी किसकी रचना है
वयस्क मानव रूधिर की रचना किसके द्वारा की जाती है
युगांतर की रचना
छंदमाला की रचना
कवियों की खोज की रचना
लोकायतन की रचना
निर्मला की रचना
युगाधार की रचना
गणदेवता किसकी रचना है
शेखर एक जीवनी की रचना
प्रेमाम्बु प्रश्रवण की रचना
‘प्रियदर्शिका’ नामक संस्कृत ग्रंथ की रचना किस शासक ने की
नदी के द्वीप की रचना
उर्दू का स्यापा की रचना
किरण वीणा की रचना
सप्तपर्णा की रचना
प्रेम प्रपंच की रचना
‘तहकीत-ए-हिन्द’ नामक पुस्तक की रचना करने वाला अलबरूनी किसके काल में भारत आया
हिंदी शब्द सागर की रचना
‘विद्रोही‘ कविता की रचना किसने की थी
हारे को हरिनाम की रचना
कुकुरमुत्ता की रचना
आखरी कलम की रचना
प्रियप्रवास की रचना
अंधेरे बंद कमरे की रचनाकार कौन है
‘ऋतुसंहार’, ‘कुमारसंभव’, ‘रघुवंशम’ किसकी रचनाएँ हैं
आधुनिक कवि की रचना
विषपाल की रचना
प्रेमाम्बु प्रवाह की रचना
एक रात की रचना
दशकुमारचरित की रचना किसकी
प्रेमाम्बु वारिधि की रचना
भारत के इतिहास पर लिखी किताब 'इंडिका' किसकी रचना है
मेरी कहानी की रचना
चक्रवाल की रचना
आत्मा की आंखें की रचनाएं
गुनाहों के देवता की रचना
जड की बात, की रचना
द्व्न्दगीत की रचना
मुक्तिबोध की रचना
कल्याणी की रचना
‘हुमायुँनामा’ पुस्तक की रचना किसने की थी
प्रणय पत्रिका की रचना
चौखे चौपदे की रचना
तारीख-ए-फिरोजशाही’ की रचना किसने की
पथ के साथी की रचना
किस पल्लव राज ने ‘मत विलास प्रहसन’ की रचना की थी
युगधारा की रचना