श्याम सुंदर दास ने की.
सुधांशु की रचना
‘तहकीक-ए-हिन्द शीर्षक ग्रन्थ की रचना किसने की
यामा की रचना
कोठरी की बात की रचना
फुतुह-उस-सलातीन’ की रचना किसने तथा कब की
परशुराम की प्रतीक्षा की रचना
किस पल्लव राज ने ‘मत विलास प्रहसन’ की रचना की थी
विक्रमांकदेव चरित’ किसकी रचना है
पलाश वन की रचना
तेरे ये प्रतिरूप की रचना
भाषा विज्ञान की रचना
रघुवंशम किसकी रचना है
गोस्वामी तुलसीदास की रचना किसने की
ग्रंथि की रचना
सागर मुद्रा की रचना
युगधारा की रचना
नागनंद किसकी रचना है
किसके शासन काल में मलिक मोहम्मद जायसी ने ‘पद्मावत’ की रचना की
प्रेमाम्बु प्रवाह की रचना
लिख कागद कोरे की रचना
रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानन्द’ नामक तीन प्रसिद्ध नाटकों की रचना किसने की
आधुनिक कवि की रचना
साधना की रचना
पूर्वा की रचना
तारीख-ए-फिरोजशाही’ की रचना किसने की
दास कैपिटल किसकी रचना है
उत्तरा की रचनाएं
सुवर्णा की रचना
चिंतामणि की रचना
श्रीमद् भागवत किसकी रचना है
अंधेरे बंद कमरे की रचनाकार कौन है
विपथगा की रचना
गोदान की रचना
प्रेम माधुरी की रचना
कबीर ग्रंथावली की रचना
बरवै नायिका भेद की रचना
उत्तरजय की रचना
प्रस्तुत प्रश्न की रचना
साकेत की रचना
धूप और धुआँ की रचना
शिवाबावनी की रचना
सुनीता की रचना
भक्ति विवेक किसकी रचना है
हिंडोला की रचना
विजयनगर कृष्णदेव राय की रचना ‘आमुक्त माल्यद’ का वर्ण्य विषय क्या है
हनुमान बाहुक की रचना
पाजेब की रचना
सन्नाटा की रचना
साहित्यसार की रचना
साहित्य लहरी किसकी रचना है
कुरुक्षेत्र की रचना
द्व्न्दगीत की रचना
युगांत की रचना
विनयपत्रिका की रचना
गीतिका की रचना
चित्र की रचना
गीत पुंज की रचना
दो चिड़िया की रचना
युवराज की यात्रा किसकी रचना है
‘ऋतुसंहार’, ‘कुमारसंभव’ तथा ‘रघुवंशम’ किसकी रचनाएँ हैं
आलसियों की रचना
हिंदी भाषा और साहित्य की रचना
बीजक किसकी रचना है
जब दो हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक की रचना करते हैं, तो उनमें कौनसी प्रक्रिया होती है
रश्मिरथी की रचना
महावृक्ष के नीचे की रचना
आंखों की थाह की रचना
चेतना की रचना
मृच्छकटिकम् किसकी रचना है
जिस काल में ऋग्वेद की रचना हुई, उसे किस काल के नाम से जाना जाता है
हरी घास पर क्षण भर किसकी रचना है
योग वशिष्ठ के चुने की रचना
अतीत के चलचित्र की रचना
एक इंच मुस्कान किसकी रचना है
पल्लविनि की रचना
बुनी हुई रस्सी की रचनाकार
संधिनी की रचना
मतविलास प्रहषन किसकी रचना है
रामलला नहछू की रचना
आत्मनेपद की रचना