आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने की.
परिमल की रचना
‘तहकीक-ए-हिन्द’ नामक ग्रन्थ की रचना किसने की
विजय पताका की रचना
दूषण उल्लास की रचना
अर्धनारीश्वर किसकी रचना है
कुमारसंभवम् किसकी रचना है
रामचरित’ की रचना किसने की
किरण वीणा की रचना
यूटोपिया किसकी रचना है
बुनी हुई रस्सी की रचनाकार
प्रसिद्द झंडा गीत “झंडा ऊँचा रहे हमारा” की रचना किसने की थी
वातायन की रचना
ऐहोल अभिलेख की रचना किसने की थी
‘प्रीसेप्टस ऑफ जीसस’ की रचना किसने की
नीम के पत्ते की रचना
जिस काल में ऋग्वेद की रचना हुई, उसे किस काल के नाम से जाना जाता है
तेरे ये प्रतिरूप की रचना
प्रस्तुत प्रश्न की रचना
रामलला नहछू की रचना
वैराग्य संदीपनी की रचना
रूपक रहस्य की रचना
ध्वन्यालोक किसकी रचना है
घुमक्कड़ शास्त्र किसकी रचना है
ब्रजराज की रचना
हिंदी शब्द सागर की रचना
प्रद्युम्न विजय की रचना
प्रणभंग की रचना
पथ के साथी की रचना
शिवराज भूषण की रचना
नखशिख की रचना
रंग में भंग की रचना
छंदमाला की रचना
प्रेम वाटिका की रचना
सूरज का सातवाँ घोड़ा किसकी रचना है
‘गोदान’ किसकी रचना है
बेला की रचना
महर्षि वेद व्यास ने किस महाकाव्य की रचना की थी
ग्रंथि की रचना
दास कैपिटल किसकी रचना है
जूही की कली की रचना
हजार हजार बाहों वाली, की रचना
कौटिल्य ने किस भाषा में अर्थशास्त्र की रचना की थी
परशुराम की प्रतीक्षा की रचना
हरी घास पर क्षण भर किसकी रचना है
बांसुरी की रचना
भ्रमरगीत की रचना
प्रणय पत्रिका की रचना
प्रेम सरोवर की रचनाएं
परम्परा की रचना
हिंदी साहित्य का इतिहास की रचना किसने की
युगांत की रचना
आराधना की रचना
कलकाशी की रचना
विष्णु लहरी की रचना
साये में धूप किसकी रचना है
बेताल पचीसी की रचना
उत्तर प्रियदर्शी की रचना
गुंजन की रचना
दूषण उल्लास की रचना किसके द्वारा की गयी
समालोचनादर्श की रचना
हरिश्चंद्र, की रचना
परिवर्तन की रचना
हिंदी पत्र लेखन की रचना
प्यासी पथराई आंखें की रचना
कृष्णदेव राय ने ‘आमुक्त माल्यद’ ग्रन्थ की रचना किस भाषा में की
हिंदी साहित्यःएक आधुनिक परिदृश्य की रचना
‘हितोपदेश’ की रचना किसने की
‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ की रचना किसने की
तुलसीदास, किसकी रचना है
शोकोच्छवास की रचना
विवर्त की रचना
‘प्रियदर्शिका’ नामक संस्कृत ग्रंथ की रचना किस शासक ने की
सतरंगिनी की रचना
रंगभूमि की रचना
रघुवंशम किसकी रचना है
पल्लव की रचना
पद्मावत की रचना किस के द्वारा किया गया
प्रभाती की रचना
चित्राधार की रचना
किस पल्लव राज ने ‘मत विलास प्रहसन’ की रचना की थी