रुचि तथा ध्यान एक ऐसे सिक्के के दो पहलू हैं। एक के अभाव में दूसरा नहीं हो सकता है। क्योंकि किसी कार्य को हम ध्यान पूर्वक तभी कर सकते हैं जब उस कार्य में हमारी रुचि होगी।
वायु में थोड़ी देर रखने पर किसी धातु के ऊपर हरे रंग के बेसिक कार्बोनेट की परत जम जाती है। वह धातु है