राम की माया कहीं धूप कहीं छाया का अर्थ और वाक्य प्रयोग
raam Kee Maaya Kaheen Dhoop Kaheen Chhaaya Ka Arth : राम की माया कहीं धूप कहीं छाया का अर्थ भगवान कहीं सुख, कहीं दु:ख, कहीं धन और कहीं निर्धनता देता रहता है।
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