सुमित्रानन्दन पन्त ने की.
विषपाल की रचना
बेला की रचना
कर्मभूमि की रचना
अपनी कहानी की रचना
रामलला नहछू की रचना
मिताक्षरा किसकी रचना है
आकुल अन्तर की रचना
माटी की मूरतें किसकी रचना है
हर्षचरित नामक पुस्तक की रचना किसने की थी
‘प्रियदर्शिका’ नामक संस्कृत ग्रंथ की रचना किस शासक ने की
पथ के साथी की रचना
संविधान सभा की रचना हेतु संविधान का विचार सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया
नीति शतक किसकी रचना है
गुंजन की रचना
अर्चना की रचना
युगांत की रचना
अभिज्ञान शकुंतलम किसकी रचना है
लहर की रचना
वाणी की रचना
छायापथ की रचना
भारतीय मूर्तिकला की रचना
मेरी कहानी की रचना
अग्निशस्य की रचना
उर्वशी की रचना की
नीरजा की रचना
गबन की रचना
किस काल में ऋग्वेद के अतिरिक्त अन्य वेदों की रचना हुई उसे क्या कहते हैं
मुंज रासो की रचनाकार
हिंदी भाषा का विकास की रचना
प्रकीर्ण गघावली की रचना
परिवर्तन की रचना
त्रिपथगा की रचना
एक बूंद सहसा उछली की रचना
शूल फूल की रचना
पदमावत की रचना किसने की
आधुनिक कवि की रचना
अंधा युग की रचना
सोच विचार की रचना
कृष्णदेव राय ने ‘आमुक्तमालाद’ की रचना किस भाषा में की
एक इंच मुस्कान किसकी रचना है
युगवाणी की रचना
सरोज स्मृति की रचना
सूर सरावली किसकी रचना है
जो तत्काल कविता की रचना कर दे अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
रश्मिरथी की रचना
त्रिभंगिमा की रचना
प्यासी पथराई आंखें की रचना
नीम के पत्ते की रचना
आत्मा की आंखें की रचनाएं
‘ऋतुसंहार’, ‘कुमारसंभव’, ‘रघुवंशम’ किसकी रचनाएँ हैं
संलाप की रचना
मेघदूत किसकी रचना है
अष्टाध्याई किसकी रचना है
ऋतुसंहार’, ‘कुमारसंभव’, ‘रघुवंशम’ किसकी रचनाएँ हैं
ललित ललाम की रचना
हरी घास पर क्षण भर किसकी रचना है
सुजान चरित्र किसकी रचना है
अजातशत्रु की रचना किसने की
युगपथ की रचना
नीला चाँद किसकी रचना है
फुतुह-उस-सलातीन’ की रचना किसने तथा कब की
नदी के द्वीप की रचना
तिलोत्तमा की रचना
बाबा फरीद की रचनाएं किस ग्रंथ में शामिल हैं
जहाँगीर जस चंद्रिका किस कवि की रचना है
नये सुभाषित की रचना
ब्रजराज की रचना
नासिकेतोपाख्यान की रचना किसने की
सुप्रसिद्ध कृति तबकात-ए-अकबरी की रचना किसने की थी
कवितावली की रचना
‘नाट्यशास्त्र’ की रचना किसने की
दोहावली किसकी रचना है
आखरी कलम की रचना
बीजक किसकी रचना है
पृथ्वीराजरासों’ की रचना किसने की
‘गार्गी संहिता’ की रचना किसने की
सूरसागर की रचना
तितली की रचना
गुप्त काल के किस प्रसिद्ध गद्य लेखक ने ‘स्वप्नवासवदत्ता’ की रचना की