राजा राममोहन राय के इंग्लैण्ड जाने के पश्चात रामचन्द्र विद्यावागीश ने ब्रह्म समाज की बागडोर सँभाली।
ब्रह्म समाज की स्थापना किसके द्वारा की गई थी
राजा राममोहन राय की फारसी पुस्तक कौन-सी थी जिसका प्रकाशन 1809 में हुआ
राजा राममोहन राय के इंग्लैंड जाने के बाद ब्रह्म समाज की बागडोर किसने संभाली
किसके प्रयासों से ब्रह्म समाज की जड़े उत्तर प्रदेश, पंजाब व मद्रास में फैली
राजा राममोहन राय व डेविड हेयर किस संस्था से जुड़े थे
ठण्डे देशों में झीलों के जम जाने के पश्चात भी जलीय जन्तु जिन्दा रहते हैं, क्योंकि
राजा राममोहन राय ने अपने असाधारण काम की खातिर भारतीय इतिहास में अपनी पहचान बनाई, उनका मुख्य काम इस दिशा में था
राजा राममोहन राय को किसने ‘युग दूत’ कहा
राजा राममोहन राय को राजा की उपाधि किसने दी थी
दक्षिण भारत में ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की
भारत के प्रमुख समाज सुधारक राजा राममोहन राय की समाधि कहाँ स्थित है
राजा राममोहन राय ने किस प्रथा के विरोध में कानून बनवाया था
हैदरअली के बाद किसने मैसूर की बागडोर संभाली
राजा राममोहन राय द्वारा ‘बह्म समाज’ की स्थापना की गई
राजा राममोहन राय और डेविड हेयर किसकी स्थापना से जुडे हुए थे
राजा राममोहन राय द्वारा ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना कब की गई
वर्नाक्लूलर प्रेस एक्ट’ कब तथा किस वायसराय के समय में पारित हुआ
‘शिमला सम्मेलन’ किस वाइसराय के कार्यकाल में आयोजित किया गया
भारत में आर्य समाज की स्थापना कब की गई थी
किस व्यक्ति द्वारा ने प्रार्थना समाज की स्थापना की गयी थी
अहिंसात्मक ढंग से शोषण विहीन समाज की स्थापना के मुख्य उद्देश्य वाली सर्वोदय योजना का प्रकाशन कब हुआ
चौरी-चौरा काण्ड, स्वराज पार्टी की स्थापना तथा प्रिन्स ऑफ वेल्स की भारत यात्रा का बहिष्कार (1921) किस वाइसराय के कार्यकाल की घटनाएं
लाला लाजपत राय के प्रयासों पर गठित बैंक कौन-सा है
आर्य समाज की स्थापना किस व्यक्ति ने किया गया
किस वायसराय के शासनकाल में तीन प्रमुख शहरों कलकत्ता, मद्रास और बम्बई में हाईकोर्ट स्थापित हुए
आर्य समाज की स्थापना किसने किया था
भारत सेवक समाज की स्थापना की थी
किस वायसराय के शासनकाल में इण्डियन पेनल कोड, सिविल प्रोसीजर कोड और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड पारित किये गए
कृष्णदेवराय के दरबार में तेलुगू के कितने विद्वान रहते थे
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वायसराय के शासनकाल में हुई
राजाराम मोहन राय के तुरंत बाद ब्रह्म समाज का प्रमुख कौन बना
ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों से परामर्श किए बिना, भारत को द्वितीय विश्व युद्ध में भागीदार बना दिए जाने के विरोध में व्यक्तिगत सत्याग्रह का रास्ता चुना गया, 17 अक्टूबर, 1940 को इस प्रकार का सत्याग्रह करने वाले सर्वप्रथम व्यक्ति कौन थे
अजातशत्रु के पश्चात मगध के सिंहासन पर कौन बैठा था
‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना कब हुई
किस पुर्तगाली गवर्नर ने 1511 ई. में कृष्णदेव राय के साथ मित्रता की संन्धि की
‘मुंशी शिव गांव की संधि’ किस युद्ध के पश्चात हुई
किस वायसराय के काल में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 पारित किया गया था
ब्रह्म समाज किस सिद्धांत पर आधारित है
प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की
किसी राज्य के महाधिवक्ता के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए व्यक्ति में क्या योग्यताएँ होनी चाहिए
भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 किस वायसराय के काल में पारित किया गया था
ब्रह्म समाज का विरोधी संगठन कौन-सा था जिसने सती प्रथा व अन्य सुधारों का विरोध किया
कृष्णदेव राय के दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ कौन थे
किस वायसराय के शासनकाल में पहला फैक्ट्री अधिनियम पारित किया गया
1931 में महात्मा गांधी ने किस वायसराय के साथ बातचीत कर समझौता किया था
बंगाल विभाजन किस वायसराय के शासनकाल में रद्द किया गया था
‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना किसके द्वारा और कहाँ की गई
किस वायसराय के शासनकाल में दिल्ली दरबार में महारानी विक्टोरिया को कैसर-ए-हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया गया
संविधान लागू होने के पश्चात कौन-सा भारतीय संघ का एक आरक्षित राज्य था
हर्ष, शोक, दुःख तथा घृणा आदि द्योतक शब्दों के पश्चात कौन सा चिन्ह लगता है
किस मुगल बादशाह ने राममोहन राय को राजा की उपाधि दी
चौगान (पोलो) खेलते समय अपने घोड़े की पीठ पर से गिर जाने के कारण ऐबक की मृत्यु (1210 ई) हो गई, ऐबक का मकबरा कहाँ हैं
हर्षवर्धन की मृत्यु के पश्चात् कन्नौज पर किसका शासन हुआ
किस वासराय के शासनकाल में एनी बेसेन्ट एवं बाल गंगाधन तिलक ने ‘होमरूल लीग’ की स्थापना की
ब्रह्म समाज’ की स्थापना किसके द्वारा की गई
सत्यशोधक समाज की स्थापना किसके द्वारा की गई
‘ब्रह्म समाज’ किस सिद्धान्त पर आधारित है
भारत सेवक समाज की स्थापना किसने और कब की
सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की थी
स्वतंत्रता के पश्चात् प्रथम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कौन-सा है
सुभाषचन्द्र बोस ने कांग्रेस के किस अधिवेशन में अध्यक्ष चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया था जिसके परिणामस्वरूप डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कांग्रेस के अध्यक्ष बने