Banabhatta Harsh Ke Darabaaree Kavi The, Inhonen Kin-kin Granthon Ka Pranayan Kiya Tha : बाणभट्ट हर्ष के दरबारी कवि थे, इन्होनें हर्षचरित और कादम्बरी ग्रन्थों का प्रणयन किया था।
किस विदेशी राजा ने समुद्रगुप्त से अनुरोध किया था कि उसे भारत में बौद्ध बिहार बनाने की अनुमति दी जाए